Gyaneshwari Yadav Silver Medal CWG 2026: ज्ञानेश्वरी यादव ने लहराया परचम! भारत की झोली में डाला सिल्वर मेडल, नाइजीरिया को मिली कड़ी टक्कर
Another Silver in #weightlifting
— nm (@hanuberg) July 27, 2026
Gyaneshwari Yadav this time! Women’s 53KG#CWG2026 #glasgow pic.twitter.com/y8uJKAJfx9
कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर हासिल किया सिल्वर
23 वर्षीय ज्ञानेश्वरी यादव ने प्रतियोगिता में स्नैच और क्लीन एंड जर्क मिलाकर कुल 199 किलोग्राम वजन उठाया। स्नैच में उन्होंने 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम का सफल प्रयास किया, जिससे वह दूसरे स्थान पर रहीं और सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहीं।
नाइजीरिया की ओनोमे डिडिह ने जीता गोल्ड
इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडिह ने अपने नाम किया। उन्होंने कुल 206 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान हासिल किया। वहीं कनाडा की रेबेका ग्रौलक्स 178 किलोग्राम के कुल वजन के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।
स्नैच में मजबूत शुरुआत, क्लीन एंड जर्क में दिखाया दम
ज्ञानेश्वरी ने स्नैच राउंड की शुरुआत 82 किलोग्राम के सफल प्रयास से की। इसके बाद उन्होंने 85 किलोग्राम और फिर 88 किलोग्राम वजन भी सफलतापूर्वक उठाया। हालांकि, स्नैच के बाद नाइजीरिया की डिडिह 93 किलोग्राम के साथ बढ़त बनाए हुए थीं।
क्लीन एंड जर्क में भारतीय खिलाड़ी ने 103 किलोग्राम से शानदार शुरुआत की और कुछ समय के लिए बढ़त भी हासिल कर ली। लेकिन डिडिह ने लगातार सफल प्रयास करते हुए मुकाबले में अपनी बढ़त कायम रखी। ज्ञानेश्वरी ने इसके बाद भी शानदार संघर्ष किया और अपने कुल प्रदर्शन के दम पर रजत पदक सुनिश्चित किया।
भारत के लिए लगातार बढ़ रही वेटलिफ्टिंग की सफलता
ज्ञानेश्वरी यादव का यह पदक भारत के लिए वेटलिफ्टिंग में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा। इससे पहले भी भारतीय भारोत्तोलकों ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक जीते हैं। लगातार मिल रही इन सफलताओं ने वेटलिफ्टिंग में भारत की मजबूत मौजूदगी को एक बार फिर साबित किया है।
छत्तीसगढ़ से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
छत्तीसगढ़ की रहने वाली ज्ञानेश्वरी यादव ने कम उम्र में ही भारोत्तोलन को अपना करियर चुना। राष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई। वर्तमान में वह पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (NS NIS) में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, जहां उन्होंने अपनी तकनीक और प्रदर्शन को लगातार बेहतर बनाया है।
भविष्य के लिए बढ़ा आत्मविश्वास
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता गया यह सिल्वर मेडल ज्ञानेश्वरी यादव के करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। उनके इस प्रदर्शन से भारतीय दल का मनोबल भी बढ़ा है और आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।
