Harmanpreet Kaur Ne Racha Itihas : हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास, एशिया कप जीतकर मिताली राज का रिकॉर्ड तोड़ा
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर एशिया पर अपना दबदबा साबित करते हुए महिला एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप ट्रॉफी जीती। इस जीत के साथ कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी इतिहास रच दिया और कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा एशिया कप खिताब जीतने के मामले में मिताली राज को पीछे छोड़ दिया।
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय टीम का यह चौथा एशिया कप खिताब है। इससे पहले उनके नेतृत्व में भारत ने 2016 और 2022 में टी20 एशिया कप जीता था, जबकि 2012 के टूर्नामेंट में वह टीम का हिस्सा थीं और फाइनल में कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभाली थी। 2026 की ट्रॉफी के साथ वह कप्तान के रूप में इस प्रतियोगिता में चार खिताब जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनीं।
मिताली राज से आगे निकलीं हरमनप्रीत
कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा महिला एशिया कप खिताब जीतने का रिकॉर्ड अब तक मिताली राज के नाम था। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने तीन बार एशिया कप का खिताब जीता था। हरमनप्रीत ने श्रीलंका के खिलाफ फाइनल जीतते ही इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया। उनकी कप्तानी में भारत ने अब चार बार एशिया कप की ट्रॉफी हासिल की है। इस तरह हरमनप्रीत भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे सफल एशिया कप कप्तान बन गई हैं।भारत की इस सफलता के अलावा श्रीलंका की चमारी अटापट्टू और बांग्लादेश की सलमा खातून भी अपनी टीमों को एशिया कप चैंपियन बना चुकी हैं।
फाइनल में नहीं चला कप्तान का बल्ला
खिताबी मुकाबले में हरमनप्रीत कौर बल्ले से बड़ी पारी नहीं खेल सकीं। वह 14 गेंदों पर 14 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। उनकी पारी में एक चौका शामिल रहा।हालांकि कप्तान की बल्लेबाजी असफल रहने के बावजूद टीम इंडिया ने शानदार सामूहिक प्रदर्शन करते हुए मुकाबले को एकतरफा बना दिया। बल्लेबाजों ने मजबूत स्कोर खड़ा किया और गेंदबाजों ने श्रीलंका को लक्ष्य तक पहुंचने का कोई मौका नहीं दिया।
शैफाली और स्मृति ने रखी जीत की नींव
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने जबरदस्त शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 129 रन की साझेदारी की, जिसने भारत के बड़े स्कोर की नींव रख दी।
शैफाली वर्मा ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 39 गेंदों पर 68 रन बनाए, जबकि स्मृति मंधाना ने 39 गेंदों में 59 रन की शानदार पारी खेली। इस मजबूत शुरुआत की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट पर 183 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
श्रीलंका की पारी 111 रन पर सिमटी
184 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और श्रीलंकाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।श्री चरणी और दीप्ति शर्मा की स्पिन गेंदबाजी ने श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। चरणी ने चार विकेट झटके, जबकि दीप्ति ने भी महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। नतीजा यह रहा कि श्रीलंका की पूरी टीम 20 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 72 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
भारत ने फिर हासिल किया एशिया का ताज
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने महिला एशिया कप में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया है। भारत अब इस टूर्नामेंट की आठ बार की चैंपियन है। टीम ने 2026 में खिताब जीतकर दो साल पहले श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में मिली हार का भी हिसाब बराबर किया।
हरमनप्रीत कौर के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने एक और बड़ा खिताब अपने नाम किया और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मिताली राज का कप्तानी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।भारत की इस ऐतिहासिक जीत में कप्तान हरमनप्रीत का बल्ला भले ही शांत रहा, लेकिन उनकी कप्तानी में टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने उन्हें महिला एशिया कप इतिहास की सबसे सफल कप्तानों की सूची में सबसे ऊपर पहुंचा दिया।
