मैं अब आगे बढ़ चुका हूँ टेस्ट क्रिकेट में वापसी की खबरों पर विराट कोहली ने लगाया पूर्णविराम
इवेंट में पूछा गया वापसी पर सवाल, कोहली ने दिया दिल जीतने वाला जवाब
21 जून को नई दिल्ली में आयोजित 'वन8 ग्लोबल' (one8 Global) के एक प्रीमियर कार्यक्रम के दौरान विराट कोहली अपने नए जूतों की लॉन्चिंग के लिए पहुंचे थे। इस इवेंट में जब उनसे टेस्ट क्रिकेट में वापसी और जूतों की कीमत को लेकर सवाल पूछा गया, तो कोहली ने हंसते हुए कहा मैं अपने नए लॉन्च किए गए जूतों की बिक्री कम होना पसंद करूँगा, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में अब वापसी नहीं करूँगा। मैं अब इस जिंदगी में आगे बढ़ चुका हूँ।"
जूतों की कीमत का '9230' रनों से है खास कनेक्शन
दरअसल, विराट कोहली ने जो नए जूते लॉन्च किए हैं, उनकी कीमत उनके टेस्ट करियर के कुल रनों की संख्या यानी 9230 रुपये रखी गई है। इवेंट में उनसे मजाक में पूछा गया था कि क्या वह अपने टेस्ट रनों की संख्या और जूतों की कीमत बढ़ाने के लिए दोबारा मैदान पर उतरेंगे? इसी का जवाब देते हुए कोहली ने टेस्ट में न लौटने की बात स्पष्ट की।
22 जून को बेंगलुरु में फिटनेस टेस्ट, इंग्लैंड सीरीज से होगी वापसी
विराट कोहली के फैंस को भले ही टेस्ट में उन्हें न देख पाने की निराशा हो, लेकिन वे जल्द ही वनडे फॉर्मेट में नीली जर्सी में धमाल मचाते नजर आएंगे।
-
लंदन दौरे की तैयारी: कोहली जुलाई 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के जरिए मैदान पर वापसी करेंगे।
-
फिटनेस टेस्ट: इंग्लैंड रवाना होने से पहले कोहली को 22 जून को बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपना अनिवार्य फिटनेस टेस्ट देना होगा।
मेलबर्न की वो ऐतिहासिक जीत: जब सिर्फ 3% थी जीतने की उम्मीद
इस कार्यक्रम में विराट कोहली ने अपने 'कभी हार न मानने वाले' (Never Give Up) एटीट्यूड पर भी खुलकर बात की। उन्होंने साल 2022 के टी20 वर्ल्ड कप में मेलबर्न (MCG) के मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई अपनी ऐतिहासिक पारी को याद किया।
कोहली ने कहा, "मेरे क्रिकेट करियर में मेलबर्न में पाकिस्तान के खिलाफ मिली वह जीत हमेशा सबसे खास रहेगी। मैच खत्म होने के बाद मुझे किसी ने बताया कि एक समय भारत की जीत की संभावना सिर्फ 3 प्रतिशत थी। लेकिन मैंने कभी उस तरह से नहीं सोचा था। मेरे लिए जीत की 1 प्रतिशत संभावना भी काफी होती है। अगर आपके पास जीतने का कोई भी मौका है, तो आप उसे बिना लड़े नहीं छोड़ सकते।" विराट कोहली का यह बयान साफ करता है कि भले ही वह टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका जज्बा और देश को जिताने की भूख आज भी वैसी ही है।
