ICC Penalty: लॉर्ड्स और गद्दाफी स्टेडियम पर आईसीसी का बड़ा चाबुक; खराब पिच के लिए दोनों ऐतिहासिक मैदानों को मिला 1-1 डिमेरिट पॉइंट

ICC Penalty: ICC cracks the whip on Lord's and Gaddafi Stadium; both historic venues receive one demerit point each for poor pitches.
 
ICC Penalty: लॉर्ड्स और गद्दाफी स्टेडियम पर आईसीसी का बड़ा चाबुक; खराब पिच के लिए दोनों ऐतिहासिक मैदानों को मिला 1-1 डिमेरिट पॉइंट

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए दुनिया के दो सबसे ऐतिहासिक क्रिकेट मैदानों— लंदन के लॉर्ड्स (Lord's) और लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम (Gaddafi Stadium) की पिचों को 'असंतोषजनक' (Unsatisfactory) रेटिंग दी है। संबंधित मैचों के आईसीसी मैच रेफरी द्वारा सौंपी गई आधिकारिक रिपोर्ट के बाद, दोनों ही मैदानों के खाते में 1-1 डिमेरिट पॉइंट (Demerit Point) जोड़ दिया गया है। आईसीसी की पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रोसेस के तहत की गई इस अचानक कार्रवाई से क्रिकेट जगत के दोनों बड़े बोर्ड (ECB और PCB) सकते में हैं।

इतिहास में पहली बार लगा डिमेरिट पॉइंट; अपील के लिए 14 दिन का समय

आईसीसी ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि इन दोनों मैदानों (लॉर्ड्स और लाहौर) के ट्रैक रिकॉर्ड में इससे पहले कभी भी कोई डिमेरिट पॉइंट शामिल नहीं था, यह पहली बार है जब इन्हें खराब पिच की श्रेणी में रखा गया है।

आईसीसी ने इस अनुशासनात्मक कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) तथा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को भेज दी है। नियमों के मुताबिक, अब दोनों ही देशों के क्रिकेट बोर्ड्स के पास आईसीसी के इस फैसले को चुनौती देने या इसके खिलाफ अपील दर्ज कराने के लिए 14 दिनों का समय है।

क्या है ICC का नियम? 6 पॉइंट होने पर लग सकता है बैन

आईसीसी के कड़े नियमों के अनुसार, पिचों की रेटिंग के आधार पर मिलने वाले ये डिमेरिट पॉइंट अगले 5 वर्षों तक संबंधित स्टेडियम के रिकॉर्ड में एक्टिव (लागू) रहते हैं। यदि किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैदान को 5 साल की समय-सीमा के भीतर कुल 6 डिमेरिट पॉइंट मिल जाते हैं, तो उस स्टेडियम पर अगले 12 महीनों (1 साल) के लिए किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैच (International Cricket) की मेजबानी करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध (बैन) लगा दिया जाता है।

लॉर्ड्स की पिच: 2 दिनों में ही गिर गए थे 33 विकेट

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले गए पहले टेस्ट मैच की पिच को लेकर मैच रेफरी ने अपनी रिपोर्ट में गंभीर चिंताएं जताईं।

  • अत्यधिक सीम और असमान उछाल: रिपोर्ट में कहा गया कि पिच पर तेज गेंदबाजों के लिए इतनी ज्यादा सीम मूवमेंट थी और गेंद कई बार इतनी नीचे रह रही थी कि बल्लेबाजों के लिए खेलना असंभव हो गया था।

  • विकेटों का पतझड़: इस टेस्ट मैच के पहले ही दिन 16 विकेट और दूसरे दिन 17 विकेट गिर गए थे। यानी महज दो दिनों के खेल में ही 33 विकेट पवेलियन लौट चुके थे। हालांकि, तेज गेंदबाजों के मददगार इस ट्रैक पर इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को 115 रनों से हरा दिया था।

गद्दाफी स्टेडियम: वनडे के लिहाज से बेहद धीमी और टर्निंग ट्रैक

वहीं, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच लाहौर में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले की पिच को भी मानकों के विपरीत पाया गया।

  • जरूरत से ज्यादा टर्न: मैच रेफरी के अनुसार, वनडे क्रिकेट के लिहाज से यह पिच बेहद धीमी (Suggish) बनाई गई थी, जहां रन बनाना अत्यधिक कठिन था।

  • स्पिनरों का दबदबा: मुकाबले की पहली ही गेंद से स्पिन गेंदबाजों को इतनी मदद मिल रही थी कि ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 157 रनों पर सिमट गई। इस आसान दिख रहे लक्ष्य का पीछा करने में मेजबान पाकिस्तान के भी पसीने छूट गए और उन्होंने 41.5 ओवरों में 6 विकेट खोकर बमुश्किल जीत दर्ज की थी।

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