बैडमिंटन में 15 वर्षीय तन्वी यूथ ओलंपिक के फाइनल में पहुंचीं
खेल के लिहाज से बीता दिन भारत के लिए बेहद शानदार रहा। बैडमिंटन, टेनिस और क्रिकेट के मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया। जहां 15 साल की बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पत्री ने यूथ ओलंपिक के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया, वहीं 17 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी माया राजेश्वरन रेवती ने भी बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। क्रिकेट में भी भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका दिया।
तन्वी पत्री ने यूथ ओलंपिक के फाइनल में बनाई जगह
भारतीय बैडमिंटन के लिए 15 वर्षीय तन्वी पत्री की सफलता खास है। वह यूथ ओलंपिक गेम्स के गर्ल्स सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। इस उपलब्धि के साथ ही उनके पास प्रतियोगिता में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने का मौका भी है।
तन्वी यूथ ओलंपिक के बैडमिंटन इवेंट में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी भी बन सकती हैं। इससे पहले कोई भारतीय महिला खिलाड़ी इस प्रतियोगिता के सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी थी।
लड़कों के वर्ग में भारत को पहले यूथ ओलंपिक में एचएस प्रणॉय ने रजत पदक दिलाया था। वर्ष 2010 में सिंगापुर में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रणॉय उपविजेता रहे थे। इसके बाद 2018 में ब्यूनस आयर्स में हुए यूथ ओलंपिक में लक्ष्य सेन ने भी रजत पदक हासिल किया था।
तन्वी के प्रदर्शन को देखें तो पिछले कुछ समय में उनके खेल में लगातार सुधार देखने को मिला है। अब फाइनल में उनके पास भारतीय बैडमिंटन के लिए एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने का अवसर है।
माया राजेश्वरन ने टेनिस में बनाया नया रिकॉर्ड
टेनिस के मैदान पर 17 वर्षीय माया राजेश्वरन रेवती ने भी इतिहास रच दिया। वह सानिया मिर्जा के बाद WTA टूर के सिंगल्स क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
दुनिया की 669वें नंबर की खिलाड़ी माया ने चेन्नई ओपन के दूसरे दौर में पोलैंड की वेरोनिका फाल्कोव्स्का को सीधे सेटों में 6-4, 6-3 से हराया। फाल्कोव्स्का की विश्व रैंकिंग 277 बताई गई है।
इससे पहले सानिया मिर्जा ने फरवरी 2012 में पटाया ओपन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। माया की यह उपलब्धि भारतीय महिला टेनिस के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है और इससे युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी।
क्रिकेट में भी भारत ने न्यूजीलैंड को दी शिकस्त
बैडमिंटन और टेनिस के साथ क्रिकेट के मैदान से भी भारत के लिए अच्छी खबर आई। भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर जीत दर्ज की। इस तरह अलग-अलग खेलों में भारतीय खिलाड़ियों और टीम के प्रदर्शन ने खेल प्रशंसकों को खुशी मनाने का अवसर दिया।
कुल मिलाकर, भारतीय खेलों के लिए यह दिन कई मायनों में यादगार रहा। तन्वी पत्री और माया राजेश्वरन जैसी युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियां बताती हैं कि भारतीय महिला खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं। अब सभी की निगाहें तन्वी के फाइनल मुकाबले और उनके संभावित ऐतिहासिक स्वर्ण पदक पर रहेंगी।
