IND vs ENG Semifinal: सेमीफाइनल से पहले टीम इंडिया की 'कमजोर कड़ी' आई सामने, मोर्ने मोर्कल ने फील्डिंग पर दिया बड़ा बयान
आंकड़े दे रहे हैं चेतावनी
भारतीय फील्डर्स ने इस वर्ल्ड कप में अब तक 33 कैच पकड़े हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि टीम 13 अहम कैच टपका चुकी है। नॉकआउट जैसे बड़े मैचों में एक जीवनदान भी मैच का रुख बदल सकता है, ऐसे में फील्डिंग कोच और गेंदबाजी कोच इस पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
कोच मोर्ने मोर्कल ने स्वीकार की कमजोरी
गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम की इस कमी को स्वीकार किया। उन्होंने कहा फील्डिंग एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर हम लगातार चर्चा कर रहे हैं। कई बार हम मैदान पर अतिरिक्त 15-20 रन लुटा देते हैं, जो हमें भारी पड़ सकता है। हम खिलाड़ियों को बेहतर करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं और यह एक ऐसा पहलू है जिस पर हम कड़ी मेहनत जारी रखेंगे।"
कोई जानबूझकर कैच नहीं छोड़ता
मोर्कल ने खिलाड़ियों का बचाव करते हुए यह भी कहा कि ट्रेनिंग में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी खिलाड़ी जानबूझकर गलती नहीं करता, लेकिन अब समय आ गया है कि खिलाड़ी मैदान पर जिम्मेदारी लें। उन्होंने सुझाव दिया कि 'हॉट ज़ोन' (जहाँ कैच आने की संभावना ज्यादा हो) में सही खिलाड़ियों को तैनात करना हमारी प्राथमिकता होगी।
इंग्लैंड के खिलाफ गलती की गुंजाइश नहीं
सेमीफाइनल में जोस बटलर और फिल साल्ट जैसे आक्रामक बल्लेबाजों के खिलाफ 15-20 रन बचाने की कीमत जीत और हार के बीच का अंतर पैदा कर सकती है। वानखेड़े की छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड में भारतीय टीम को अपनी कैचिंग और ग्राउंड फील्डिंग में सुधार करना ही होगा, वरना फाइनल का सपना टूट सकता है।
सेमीफाइनल का समीकरण: भारत बनाम इंग्लैंड
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स्थान: वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई
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तारीख: 6 मार्च 2026 (संभावित)
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प्रमुख चुनौती: भारत की खराब फील्डिंग बनाम इंग्लैंड की आक्रामक बल्लेबाजी।
क्या सूर्यकुमार यादव की 'यंग ब्रिगेड' वानखेड़े में चुस्त फील्डिंग का नमूना पेश कर पाएगी? यह देखना दिलचस्प होगा क्योंकि यहाँ एक छोटी सी चूक भी वर्ल्ड कप से बाहर का रास्ता दिखा सकती है।
