IND vs ENG: श्रेयस अय्यर का 'वन मैन शो', अकेले पूरी टीम पर पड़े भारी; विराट कोहली के इस बड़े रिकॉर्ड की कर ली बराबरी
अकेले पूरी टीम से ज्यादा रन ठोक गए कप्तान अय्यर
ब्रिस्टल की इस मुश्किल पिच पर ऐसा लग रहा था कि श्रेयस अय्यर किसी अलग ही ट्रैक पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने इंग्लिश आक्रमण का डटकर सामना करते हुए महज 49 गेंदों में 4 चौकों और 5 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 80 रनों की तूफानी और समझदारी भरी पारी खेली।
इस मैच का सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा यह रहा कि कप्तान अय्यर ने अकेले जितने रन बनाए, उतने बाकी के 10 बल्लेबाज मिलकर भी नहीं बना सके।
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श्रेयस अय्यर का स्कोर: नाबाद 80 रन
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बाकी पूरी टीम का कुल योगदान: 74 रन (4 रन अतिरिक्त मिले)
अय्यर के अलावा सिर्फ शिवम दुबे (22) ही थोड़ा टिक सके। उनके अलावा अभिषेक शर्मा ने 16 और युवा वैभव सूर्यवंशी ने 15 रन बनाए, जबकि ईशान किशन (4) और तिलक वर्मा (11) पूरी तरह फ्लॉप रहे।
'किंग कोहली' के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी
अपनी इस धमाकेदार 80 रनों की नाबाद पारी के साथ ही श्रेयस अय्यर ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वे बतौर भारतीय कप्तान इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले संयुक्त रूप से पहले बल्लेबाज बन गए हैं।
इस मामले में उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। विराट कोहली ने भी इंग्लैंड के खिलाफ बतौर कप्तान 80 रनों की नाबाद पारी खेली थी, और अब अय्यर भी इस एलीट लिस्ट में 'किंग कोहली' के साथ खड़े हो गए हैं।
ताश के पत्तों की तरह बिखरा भारत का टॉप ऑर्डर
सीरीज बचाने के इरादे से उतरी भारतीय टीम के बल्लेबाजों की तकनीकी कमियां एक बार फिर उजागर हो गईं। इंग्लैंड की शॉर्ट-पिच और तेज गेंदों के सामने भारत का टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी (15) को इस सीरीज में लगातार दूसरी बार अपनी रफ्तार का शिकार बनाया। वहीं, जोश टंग ने ईशान किशन (4) को पावरप्ले के अंदर ही एक तीखी शॉर्ट बॉल पर फंसाकर पवेलियन भेज दिया।
मध्यक्रम में कप्तान अय्यर को शिवम दुबे (22) का कुछ देर साथ मिला और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 53 रनों की सधी हुई साझेदारी कर टीम को 100 के पार पहुंचाया। हालांकि, दुबे स्पिनर्स के खिलाफ काफी संघर्ष करते दिखे और बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में अपना विकेट गंवा बैठे। उनके इस धीमे खेल के बाद उपकप्तान तिलक वर्मा से उम्मीदें थीं, लेकिन वे भी केवल 11 रन ही बना सके। अंत में यह श्रेयस अय्यर की ही आतिशी बल्लेबाजी थी, जिसने भारत को एक शर्मनाक स्कोर पर सिमटने से बचा लिया।
