IND vs ENG: 'यह बदलाव का दौर है, हमसे गलतियां होंगी...' इंग्लैंड से सीरीज हारने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर का बड़ा बयान

IND vs ENG: 'This is a phase of transition; we will make mistakes...' Captain Shreyas Iyer's significant statement after the series loss to England.
 
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भारतीय क्रिकेट टीम को इंग्लैंड दौरे पर लगातार दूसरी टी20 अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय सीरीज में शिकस्त का सामना करना पड़ा है। ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड पर खेले गए चौथे मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से एकतरफा शिकस्त दी। इस हार के साथ ही टीम इंडिया ने 5 मैचों की सीरीज को 1-3 से गंवा दिया है, जिससे 12 साल बाद इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीतने का सूखा खत्म किया।

इस मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर केवल 158 रन ही बना सकी, जिसमें कप्तान श्रेयस अय्यर के नाबाद 80 रनों का इकलौता संघर्ष शामिल था। जवाब में इंग्लैंड की टीम ने हैरी ब्रूक और फिल सॉल्ट के तूफानों के दम पर महज 13.5 ओवरों में 1 विकेट खोकर इस लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया। सीरीज़ गंवाने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान श्रेयस अय्यर ने इस करारी हार, टीम के कम स्कोर और टीम में चल रहे 'बदलाव के दौर' (Transition Phase) को लेकर खुलकर बात की।


यह बदलाव का दौर है, युवा खिलाड़ी गलतियों से ही सीखेंगे: श्रेयस अय्यर

मैच के बाद टीम के लचर प्रदर्शन का बचाव करते हुए कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि वर्तमान में भारतीय टी20 टीम एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां नए खिलाड़ियों को अनुभव हासिल करने में थोड़ा समय लगेगा। अय्यर ने कहा यह पूरी तरह से बदलाव का दौर है और इस प्रक्रिया में हम बहुत सी गलतियां करेंगे। हमारी टीम में कई ऐसे युवा खिलाड़ी शामिल हैं जो इंग्लैंड की इन चुनौतीपूर्ण और उछाल भरी परिस्थितियों में पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं। इन पिचों पर होने वाली गलतियां ही निश्चित रूप से उन्हें यह अहसास कराएंगी कि विदेशी दौरों पर खुद को ढालना और मैच की समझ रखना कितना जरूरी है।"

कप्तान ने आगे कहा कि महत्वपूर्ण यह है कि खिलाड़ी अपनी इन गलतियों से कितनी जल्दी सीखते हैं, क्योंकि अंत में इसका फायदा टीम इंडिया को ही मिलेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि टीम में शामिल युवा खिलाड़ी बहुत जल्दी सीखने वाले हैं, वे खुद के प्रदर्शन का सही आकलन करेंगे और अगले मुकाबले में एक मजबूत रणनीति के साथ वापसी करेंगे।

158 रनों का स्कोर बेहद कम था, प्लानिंग लागू करने में चूके गेंदबाज

ब्रिस्टल की पिच पर भारतीय टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों के फ्लॉप होने पर बात करते हुए अय्यर ने स्वीकार किया कि बोर्ड पर रन बहुत कम थे। उन्होंने कहा, "हमने इस पिच पर जो 158 रनों का टारगेट खड़ा किया था, वह इंग्लैंड जैसी मजबूत बल्लेबाजी लाइन-अप के सामने काफी कम था और उन्होंने बिना किसी दबाव के इसे बहुत जल्दी हासिल कर लिया।"

अपनी गेंदबाजी रणनीति का खुलासा करते हुए कप्तान ने बताया:

  • गेंदबाजों को निर्देश: जब हम डिफेंड करने उतरे, तो मैंने अपने गेंदबाजों से कहा था कि वे जितना हो सके गेंद को मिडिल-स्टंप और लेग-स्टंप के ऊपरी हिस्से (Top of off/middle) पर रखें, क्योंकि वहां से इंग्लिश बल्लेबाजों के लिए शॉट खेलना और बाउंड्री लगाना मुश्किल था।

  • रणनीति में विफलता: अय्यर ने माना कि भारतीय गेंदबाज अपनी इस प्लानिंग को मैदान पर सही तरीके से लागू करने में पूरी तरह पीछे रह गए, जिसका फायदा फिल सॉल्ट और हैरी ब्रूक ने उठाया।

अंत में अपनी व्यक्तिगत शानदार पारी (80 रन नाबाद) को लेकर अय्यर ने निराशा जताते हुए कहा, "निश्चित रूप से मैं अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन से खुश हूं, लेकिन अगर आपकी पारी टीम को जीत नहीं दिला पाती, तो उसका कोई खास मतलब नहीं रह जाता। जब भी मैं मैदान पर उतरता हूं, मेरा एकमात्र लक्ष्य टीम को जीत दिलाना होता है, लेकिन आज का दिन हमारे पक्ष में नहीं था। अब हमारी नजरें आखिरी मुकाबले पर हैं।"

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