IND vs NZ 2nd ODI: राजकोट में भारत की अग्निपरीक्षा, आंकड़े नहीं देते टीम इंडिया का साथ
राजकोट में 2013 से शुरू हुआ वनडे सफर
राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में पहला वनडे मुकाबला साल 2013 में खेला गया था, जब भारत और इंग्लैंड आमने-सामने थे। उस मैच में भारत को 9 रन से हार का सामना करना पड़ा था।इसके बाद 2015 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए वनडे में भी टीम इंडिया को 18 रन से शिकस्त मिली।करीब पांच साल बाद 2020 में भारत को इस मैदान पर पहली जीत मिली, जब उसने ऑस्ट्रेलिया को 36 रन से हराया। हालांकि, 2023 में एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 66 रन से मात दे दी।
चार में से सिर्फ एक जीत, भारत का कमजोर रिकॉर्ड
अब तक राजकोट में खेले गए चार वनडे मुकाबलों में भारत को सिर्फ एक में जीत मिली है, जबकि तीन मैचों में हार झेलनी पड़ी है। खास बात यह है कि इन चारों मुकाबलों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ही विजेता बनी।भारत ने यहां सिर्फ एक बार पहले बल्लेबाजी की थी और वही मुकाबला उसने जीता। ऐसे में अगर यह ट्रेंड बरकरार रहता है, तो टॉस इस मैच का सबसे अहम फैक्टर साबित हो सकता है।
पहले बल्लेबाजी करना बन सकता है जीत की कुंजी
राजकोट की पिच पर अगर कोई टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 300 से ज्यादा रन बना लेती है, तो उसका पीछा करना बेहद मुश्किल हो जाता है। यही इस मैदान की सबसे बड़ी खासियत — और चुनौती — है।भारतीय टीम की बल्लेबाजी फिलहाल शानदार फॉर्म में है।
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विराट कोहली और रोहित शर्मा लगातार रन बना रहे हैं,
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जबकि शुभमन गिल भी लय में लौटते नजर आ रहे हैं।
ऐसे में भारत के पास मजबूत स्कोर खड़ा करने का पूरा मौका होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या 2020 के बाद टीम इंडिया राजकोट में दूसरी जीत दर्ज कर पाती है या फिर यह मैदान एक बार फिर भारतीय टीम के लिए चुनौती बनता है।
