महिला टेस्ट मैच में दोहरा शतक लगाने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बनीं शेफाली वर्मा , 22 साल बाद किया कमाल

Shefali Verma became the second Indian player to score a double century in a women's test match, achieved this feat after 22 years
महिला टेस्ट मैच में दोहरा शतक लगाने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बनीं शेफाली वर्मा , 22 साल बाद किया कमाल
भारतीय महिला क्रिकेट टीम और साउथ अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम के बीच एकमात्र टेस्ट मैच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है। इस टेस्ट मैच में भारत की ओपनर बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने कमाल कर दिया और दोहरा शतक लगा दिया।

शेफाली के टेस्ट क्रिकेट करियर का ये पहला दोहरा शतक  जड़ा 

महिला टेस्ट मैच में दोहरा शतक लगाने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बनीं शेफाली वर्मा , 22 साल बाद किया कमाल

शेफाली के टेस्ट क्रिकेट करियर का ये पहला दोहरा शतक रहा और उन्होंने अपने 5वें टेस्ट मैच में ही ये खास उपलब्धि अपने नाम पर दर्ज कर ली। शेफाली ने महिला टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए 22 साल के बाद दोहरा शतक लगाने का कमाल किया। उनसे पहले ये कमाल मिताली राज ने साल 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ किया था और 214 रन की पारी खेली थी.भारत की ओपनर्स स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने धूम मचा दी. शेफाली और स्मृति मंधाना की भारतीय जोड़ी ने 292 रनों की ओपनिंग साझेदारी की. यह महिला टेस्ट मैच में पहले विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी रही.

भारत ने पाकिस्तानी रिकॉर्ड किया ध्वस्त

महिला टेस्ट मैच में दोहरा शतक लगाने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बनीं शेफाली वर्मा , 22 साल बाद किया कमाल

शेफाली और मंधाना ने इस तरह 2004 में कराची में वेस्टइंडीज के खिलाफ पाकिस्तान की साजिदा शाह और किरण बलूच की 241 रनों की साझेदारी को पीछे छोड़ दिया. देखा जाए तो यह महिला टेस्ट मैच में किसी विकेट के लिए दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी रही. बता दें कि साल 1987 में वेदरबी में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे विकेट के लिए एलए रीलर और डीए एनेट्स की ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी के बीच 309 रनों की साझेदारी हुई थी

शेफाली ने महज 194 गेंदों पर दोहरा शतक पूरा किया

शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने इस तरह 2021 में ब्रिस्टल में इंग्लैंड के खिलाफ 167 रनों की अपनी पिछली सर्वश्रेष्ठ साझेदारी में सुधार किया. दोनों ने इसके साथ ही किसी भी विकेट के लिए पिछली सबसे बड़ी भारतीय साझेदारी को भी पीछे छोड़ दिया. इससे पहले यह रिकॉर्ड पूनम राउत और थिरुष कामिनी के नाम था, जिन्होंने मैसूर में 2014 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 275 की साझेदारी की थी. इस साझेदारी को डेलमी टकर ने मंधाना को 149 रन पर आउट कर तोड़ा.

महिला टेस्ट मैच में दोहरा शतक लगाने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बनीं शेफाली वर्मा , 22 साल बाद किया कमाल

मंधाना तो आउट हो गईं, लेकिन शेफाली ने यादगार दोहरा शतक लगाया. शेफाली ने महज 194 गेंदों पर दोहरा शतक पूरा किया. यह वूमेन्स टेस्ट मैच में किसी बल्लेबाज का सबसे तेज दोहरा शतक रहा. शेफाली ने ऑस्ट्रेलिया की एनाबेल सदरलैंड को पछाड़ दिया, जिन्होंने 256 गेंदों पर दोहरा शतक लगाया था. देखा जाए तो शेफाली वर्मा भारत की ऐसी दूसरी बल्लेबाज हैं, जिन्होंने वूमेन्स टेस्ट मैच में दोहरा शतक लगाया है.

शेफाली वर्मा ने 197 गेंदों पर 205 रन बनाए

दद

शेफाली वर्मा से पहले मिताली राज ही ऐसा कर पाई थीं. मिताली ने साल 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ टॉन्टन टेस्ट मैच में 214 रनों की पारी खेली थी. शेफाली वर्मा ने 197 गेंदों पर 205 रन बनाए, जिसमें 23 चौके और आठ छक्के शामिल रहे. वहीं मंधाना ने 161 गेंदों की पारी में 27 चौके के अलावा एक सिक्स लगाया. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने पहले दिन स्टम्प के साथ अपनी पहली पारी में चार विकेट पर 525 रन बनाए. स्टम्प के समय ऋचा घोष 43 और कप्तान हरमनप्रीत कौर 42 रन बनाकर डटी थीं. भारत ने पहली बार वूमेन्स टेस्ट मैच में 500 रनों का आंकड़ा टच किया है.


 

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