Indian Women Cricket Team Victory at Lord's: लॉर्ड्स में बजा टीम इंडिया का डंका, इंग्लैंड को 270 रनों से धूल चटाकर भारतीय बेटियों ने रचा स्वर्णिम इतिहास

Lord's History: Team India triumphs at Lord's; Indian women script golden history by crushing England by 270 runs.
 
Indian Women Cricket Team

Indian Women Cricket Team Victory at Lord's: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स (Lord's) के मैदान पर एक नया इतिहास लिख दिया है। मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में भारत ने रिकॉर्ड 270 रनों के विशाल अंतर से एक ऐतिहासिक और यादगार जीत दर्ज की है।

यह मुकाबला कई मायनों में ऐतिहासिक रहा, क्योंकि लॉर्ड्स के 200 से अधिक साल के इतिहास में पहली बार कोई महिला टेस्ट मैच खेला गया। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए भारतीय क्रिकेट के महान पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी लॉर्ड्स के स्टैंड्स में मौजूद थे।

457 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य के आगे ढह गई इंग्लिश टीम

भारतीय टीम द्वारा दिए गए 457 रनों के बेहद मुश्किल और पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों की धारदार गेंदबाजी के आगे पूरी तरह बेबस नजर आई और दूसरी पारी में महज 186 रनों पर सिमट गई।

मैच के चौथे और अंतिम दिन (13 जुलाई 2026) इंग्लैंड ने अपने कल के स्कोर 130/6 से आगे खेलना शुरू किया। लेकिन भारतीय टीम ने उन्हें मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया:

  • स्नेह राणा का पहला प्रहार: दिन की शुरुआत में ही ऑफ स्पिनर स्नेह राणा ने सेट बल्लेबाज और विकेटकीपर एमी जोन्स (54 रन) को शैफाली वर्मा के हाथों कैच आउट कराकर इंग्लैंड की बची-खुची उम्मीदों को तगड़ा झटका दिया।

  • दीप्ति शर्मा का डबल अटैक: इसके बाद स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने सोफी एक्लेस्टोन और इजी वॉन्ग के बीच पनप रही 22 रनों की साझेदारी को तोड़ा। दीप्ति ने पहले वॉन्ग (1 रन) और फिर अगली ही ओवर में लॉरेन बेल को शून्य पर पवेलियन भेजकर इंग्लैंड की हार तय कर दी।

सोफी एक्लेस्टोन का संघर्ष और स्नेह राणा का विजयी विकेट

इंग्लैंड की ओर से स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने बल्ले से अकेले संघर्ष किया। उन्होंने 50 रनों की जुझारू पारी खेलकर टेस्ट क्रिकेट में अपना सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी बनाया। पारी के दौरान उन्हें एक बार DRS तकनीक के जरिए जीवनदान भी मिला, लेकिन आखिरकार स्नेह राणा ने उन्हें आउट कर इंग्लैंड की पारी का अंत किया और भारत की ऐतिहासिक जीत पर अंतिम मुहर लगा दी।

जीत के 3 मुख्य सूत्रधार: बल्ले और गेंद का बेजोड़ संगम

लॉर्ड्स के इस ऐतिहासिक मैदान पर भारत के दबदबे की कहानी इन तीन खिलाड़ियों ने लिखी:

  1. यास्तिका भाटिया (113 रन): जिन्होंने पहली पारी के संकट के बाद दूसरी पारी में ऐतिहासिक शतक जड़कर भारत को 400 से अधिक रनों की अजेय बढ़त दिलाई। वे लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनीं।

  2. क्रांति गौड़ (5 विकेट): युवा तेज गेंदबाज जिन्होंने इंग्लैंड की पहली पारी में 5 विकेट झटककर मेजबानों की कमर तोड़ दी और लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड में अपना नाम दर्ज कराया।

  3. स्नेह राणा (स्पिन जादू): जिन्होंने चौथी पारी में अपनी फिरकी से इंग्लिश बल्लेबाजों को टिकने नहीं दिया और मैच का विजयी विकेट चटकाया।

भारतीय महिला टीम की इस ऐतिहासिक फतह के बाद अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें मेन्स टीम पर टिकी हैं, जो कल यानी 14 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैचों की वनडे (ODI) सीरीज में एक्शन में नजर आएगी।

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