IPL 2026: 36 करोड़ का दांव और 22 रनों का 'योगदान' क्या संजू सैमसन बन गए हैं चेन्नई सुपर किंग्स की सबसे बड़ी कमजोरी?
आंकड़े जो डरा रहे हैं: 6, 7 और 9
क्रिकेट में खराब फॉर्म आना सामान्य है, लेकिन जब 36 करोड़ रुपये का खिलाड़ी तीन लगातार मैचों में दहाई का आंकड़ा भी न छू सके, तो सवाल उठना लाजिमी है। संजू ने इस सीजन के तीन मैचों में क्रमशः 6, 7 और 9 रन बनाए हैं। यह सिर्फ 'बैड लक' नहीं, बल्कि उनकी बल्लेबाजी में एक खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा कर रहा है।
संजू की विफलता के 3 मुख्य कारण:
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ऑफ स्टंप के बाहर की कमजोरी: विपक्षी टीमों ने संजू की कमजोरी को बखूबी पकड़ लिया है। वे बार-बार ऑफ स्टंप के बाहर जाती उन गेंदों पर बल्ला अड़ा रहे हैं जिन्हें छोड़ना बेहतर होता, और नतीजा—स्लिप या कीपर के हाथों में सीधा कैच।
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शॉट सिलेक्शन में जल्दबाजी: टीम को जब क्रीज पर टिकने वाले बल्लेबाज की जरूरत होती है, संजू शुरुआत में ही बड़े शॉट्स खेलने के चक्कर में अपना विकेट उपहार में दे रहे हैं। आक्रामकता और जिम्मेदारी के बीच का संतुलन पूरी तरह गायब नजर आ रहा है।
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उम्मीदों और कीमत का दबाव: 36 करोड़ की भारी-भरकम राशि और पांच बार की चैंपियन टीम की उम्मीदों का बोझ संजू के स्वाभाविक खेल को प्रभावित कर रहा है। मैदान पर उनका फुटवर्क और टाइमिंग वह आत्मविश्वास नहीं दिखा पा रही है, जिसके लिए वे जाने जाते हैं।
पूरी टीम पर पड़ रहा है बुरा असर
संजू की विफलता केवल उनके स्कोरकार्ड तक सीमित नहीं है। टॉप ऑर्डर के जल्दी धराशायी होने से मिडिल ऑर्डर पर दबाव बढ़ रहा है, जिसका नतीजा यह है कि CSK अपने शुरुआती मैच गंवाकर अंक तालिका में 10वें पायदान पर खिसक गई है। टीम का बैटिंग बैलेंस पूरी तरह बिगड़ चुका है।
क्या मैनेजमेंट लेगा कोई बड़ा फैसला?
CSK का इतिहास रहा है कि वह अपने खिलाड़ियों को लंबी 'बैकिंग' देती है और जल्दी बदलाव नहीं करती। लेकिन आईपीएल जैसे छोटे टूर्नामेंट में समय बहुत कम होता है। अगर अगले दो-तीन मैचों में संजू का बल्ला खामोश रहा, तो टीम मैनेजमेंट को इम्पैक्ट प्लेयर या प्लेइंग इलेवन में बदलाव जैसे कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। IPL 2026: संजू सैमसन के खराब फॉर्म ने बढ़ाई CSK की मुश्किलें। 3 मैचों में मात्र 22 रन बनाने वाले संजू क्या अपनी 36 करोड़ की कीमत के साथ न्याय कर पाएंगे? पढ़ें विस्तृत विश्लेषण।
