IPL 2026: 'मुझे किसी को कुछ साबित करने की जरूरत नहीं', शुभमन गिल ने कप्तानी और इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर तोड़ी चुप्पी

IPL 2026 I don't need to prove anything to anyone  Shubman Gill breaks silence on captaincy and the Impact Player rule.
 
Shubman Gill
Gujarat Titans  2026 :  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन की शुरुआत से पहले गुजरात टाइटंस के युवा कप्तान शुभमन गिल काफी आत्मविश्वास में नजर आ रहे हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान गिल ने उन आलोचकों को करारा जवाब दिया है जो उनकी बल्लेबाजी और टी20 फॉर्मेट में उनकी जगह पर सवाल उठा रहे थे। गिल ने साफ कर दिया है कि उनका एकमात्र लक्ष्य गुजरात टाइटंस को फिर से चैंपियन बनाना है।

आंकड़े गवाह हैं, काबिलियत दिखाने की भूख नहीं

शुभमन गिल ने अपनी फॉर्म और टीम में भूमिका पर बात करते हुए कहा कि पिछले तीन-चार सीजन के आंकड़े उनके प्रदर्शन की कहानी खुद बयां करते हैं। गिल ने कहा अगर आप पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड देखें, तो आईपीएल में मेरे नाम सबसे ज्यादा रन हैं। मैंने बतौर बल्लेबाज और टीम के सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। इसलिए, मुझे नहीं लगता कि इस सीजन में मुझे किसी को अपनी काबिलियत साबित करने की जरूरत है। मेरा ध्यान सिर्फ उस प्रक्रिया को दोहराने पर है जो हम पिछले चार साल से करते आ रहे हैं।"

गौरतलब है कि गिल फिलहाल टेस्ट और वनडे में भारतीय टीम की कमान संभाल रहे हैं, हालांकि हाल ही में संजू सैमसन को मौका देने के लिए उन्हें टी20 टीम से आराम दिया गया था, जो भारत के लिए वर्ल्ड कप जीत में सही फैसला साबित हुआ।

इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर जताई नाराजगी

शुभमन गिल ने आईपीएल के 'इम्पैक्ट प्लेयर' (Impact Player Rule) नियम की जमकर आलोचना की। उनके अनुसार, यह नियम क्रिकेट की असली स्किल और रोमांच को खत्म कर रहा है।

गिल के विरोध के मुख्य कारण:

  • 11 खिलाड़ियों का खेल: गिल का मानना है कि क्रिकेट मूल रूप से 11 खिलाड़ियों का खेल है और 12वें खिलाड़ी (अतिरिक्त बल्लेबाज) के आने से संतुलन बिगड़ जाता है।

  • खत्म हो रही है असली चुनौती: उनके अनुसार, जब शुरुआती विकेट जल्दी गिरते हैं, तब असली परख होती है कि बल्लेबाज टीम को सम्मानजनक स्कोर तक कैसे ले जाते हैं। अतिरिक्त बल्लेबाज होने से यह चुनौती खत्म हो जाती है।

  • फ्लैट विकेट बनाम रोमांच: गिल ने कहा कि 220 रन के विशाल स्कोर वाले मैच देखने में अच्छे हो सकते हैं, लेकिन कठिन पिच पर 160-180 रनों का पीछा करना क्रिकेट की असली परीक्षा है।

2027 तक लागू रहेगा नियम

दिलचस्प बात यह है कि गिल का यह बयान तब आया है जब बीसीसीआई ने कप्तानों की मीटिंग में यह साफ कर दिया है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम 2027 तक जारी रहेगा। हालांकि गिल ने स्वीकार किया कि यह नियम दर्शकों के मनोरंजन के लिए अच्छा है, लेकिन एक शुद्ध क्रिकेटर के तौर पर वे इसके पक्ष में नहीं हैं।

शुभमन गिल के इस बयान ने साफ कर दिया है कि वे इस बार बिना किसी मानसिक दबाव के मैदान पर उतरेंगे। गुजरात टाइटंस के प्रशंसक उम्मीद करेंगे कि उनके कप्तान का यह 'बेबाक अंदाज' टीम को दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी दिलाने में मदद करे।

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