LSG vs DC IPL 2026 : मैदान पर चर्चा और देर रात का पोस्ट , संजीव गोयनका के 'भरोसे' पर उठे सवाल
मैदान पर क्या हुआ?
मैच खत्म होने के तुरंत बाद संजीव गोयनका मैदान पर उतरे। वायरल वीडियो में:
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गंभीर मुद्रा: गोयनका टीम के प्रदर्शन (खासकर 141 रन पर सिमटने) को लेकर असंतुष्ट दिख रहे थे।
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पंत की परेशानी: कप्तान ऋषभ पंत के चेहरे पर हार का दबाव और मालिक की बातों का असर साफ झलक रहा था।
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लैंगर की मौजूदगी: हेड कोच लैंगर भी इस त्रिकोणीय बातचीत का हिस्सा थे, जो रणनीति और मैच में हुई गलतियों पर केंद्रित लग रही थी।
संजीव गोयनका का सोशल मीडिया पोस्ट: "कहानी अभी बाकी है"
मैदान पर हुई चर्चा के बाद मचे शोर को शांत करने के लिए देर रात संजीव गोयनका ने अपने X (ट्विटर) अकाउंट पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा यह एक लंबा सीजन है और ऐसे पल (हार) कुछ बड़ा बनाने का हिस्सा होते हैं। मुझे अपने कप्तान (ऋषभ पंत) और टीम पर पूरा भरोसा है कि वे मजबूती से वापसी करेंगे। इकाना में समर्थन के लिए फैंस का धन्यवाद, एलएसजी की कहानी अभी पूरी नहीं लिखी गई है।"
This is a long season, and moments like these are part of building something meaningful. I have full confidence in our captain and the team to respond with strength. To our fans, thank you for your support at Ekana today, we will come back stronger. The story of @LucknowIPL this… pic.twitter.com/iQvN8u4g1d
— Dr. Sanjiv Goenka (@DrSanjivGoenka) April 1, 2026
फैंस का रिएक्शन: 'डैमेज कंट्रोल' या 'हस्तक्षेप'?
गोयनका के इस पोस्ट पर क्रिकेट प्रेमियों की मिली-जुली और तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं
| फैंस की राय | मुख्य बिंदु |
| आलोचना | कई यूजर्स ने इसे 'डैमेज कंट्रोल' करार दिया। उनका मानना है कि मालिक को मैदान पर खिलाड़ियों से इस तरह बात नहीं करनी चाहिए। |
| सुझाव | एक यूजर ने लिखा, "कृपया अपनी टीम मीटिंग्स बंद कमरों में रखें। मैदान पर कोचिंग स्टाफ और कप्तान के साथ इस तरह की चर्चा अच्छी नहीं लगती।" |
| नाराजगी | कुछ फैंस ने गोयनका को याद दिलाया कि वे खिलाड़ियों को क्रिकेट खेलना न सिखाएं और सिर्फ एक हार पर इतना पैनिक (घबराहट) न फैलाएं। |
| समर्थन | हालांकि, कुछ समर्थकों ने गोयनका के भरोसे वाले बयान की तारीफ की और इसे टीम का मनोबल बढ़ाने वाला कदम बताया। |
दबाव में ऋषभ पंत?
लखनऊ सुपर जायंट्स को आईपीएल में आए 5 साल से अधिक का समय हो गया है, लेकिन ट्रॉफी अब भी दूर है। ऋषभ पंत के लिए नई टीम और नए मालिक के साथ तालमेल बिठाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। क्या गोयनका का यह 'भरोसा' पंत को खुलकर कप्तानी करने की आजादी देगा या आने वाले मैचों में दबाव और बढ़ेगा? यह अगले मुकाबलों के नतीजों से साफ हो जाएगा।
