RCB vs SRH Head-to-Head: आंकड़ों में कौन है 'किंग'? चिन्नास्वामी में बेंगलुरु का दबदबा या हैदराबाद की 'सनराइज' वापसी?
ओवरऑल हेड-टू-हेड: हैदराबाद का मामूली पलड़ा भारी
आईपीएल के इतिहास में अब तक ये दोनों टीमें कुल 25 बार आमने-सामने आ चुकी हैं। इन मुकाबलों में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है:
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सनराइजर्स हैदराबाद की जीत: 13 मैच
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रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत: 11 मैच
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बेनतीजा: 01 मैच
आंकड़े बताते हैं कि ओवरऑल रिकॉर्ड में हैदराबाद ने बढ़त बना रखी है, लेकिन फासला इतना कम है कि एक मैच परिणाम को बराबर कर सकता है।
चिन्नास्वामी का किला: आरसीबी की बादशाहत
भले ही ओवरऑल रिकॉर्ड में हैदराबाद आगे हो, लेकिन बेंगलुरु के अपने 'होम ग्राउंड' पर कहानी अलग है। चिन्नास्वामी स्टेडियम में दोनों के बीच अब तक 9 मुकाबले हुए हैं:
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आरसीबी की जीत: 05 मैच
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हैदराबाद की जीत: 03 मैच बेंगलुरु ने अपने घर में हमेशा हैदराबाद पर दबाव बनाए रखा है, जिससे शनिवार के मैच में उन्हें मनोवैज्ञानिक बढ़त मिल सकती है।
पिछली भिड़ंत की यादें: जब ईशान किशन ने मचाया था कोहराम
इन दोनों टीमों के बीच आखिरी मुकाबला आईपीएल 2025 में खेला गया था, जो एक हाई-स्कोरिंग थ्रिलर साबित हुआ था। उस मैच की मुख्य बातें:
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ईशान किशन का तूफ़ान: हैदराबाद की ओर से खेलते हुए ईशान किशन ने आरसीबी के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी थीं। उन्होंने मात्र 94 रनों (7 चौके, 5 छक्के) की विस्फोटक पारी खेली थी।
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विशाल लक्ष्य: किशन की पारी की बदौलत SRH ने 231 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था।
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आरसीबी का संघर्ष: 232 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी 189 रनों पर सिमट गई थी। फिल सॉल्ट (62) और विराट कोहली (43) ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन मिडिल ऑर्डर के फ्लॉप होने के कारण बेंगलुरु को हार का सामना करना पड़ा था।
मैच प्रेडिक्शन: क्या बदलेगा इतिहास?
इस सीजन में दोनों टीमों के पास नए मैच विनर्स मौजूद हैं। आरसीबी जहाँ अपने खिताब को बचाने की कोशिश करेगी, वहीं हैदराबाद पिछले साल की जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगी। चिन्नास्वामी की छोटी बाउंड्री और ईशान किशन की मौजूदा फॉर्म आरसीबी के गेंदबाजों के लिए एक बार फिर कड़ी चुनौती पेश कर सकती है।
आंकड़े एक रोमांचक जंग की ओर इशारा कर रहे हैं। जहाँ हैदराबाद के पास 'मारक क्षमता' है, वहीं आरसीबी के पास 'होम एडवांटेज'। शनिवार की शाम यह तय करेगी कि क्या आरसीबी अपनी पिछली हार का बदला ले पाएगी या हैदराबाद एक बार फिर चिन्नास्वामी में जीत का परचम लहराएगी।
