T20 इंटरनेशनल में सिकंदर रजा का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, लगातार पांच पारियों में जड़े अर्धशतक
क्रिकेट डेस्क। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में बल्लेबाजों के सामने कम गेंदों में ज्यादा रन बनाने की चुनौती होती है। इस फॉर्मेट में लगातार बड़ी पारियां खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं है। हालांकि, जिम्बाब्वे के अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा ने ऐसा कारनामा किया है, जो उन्हें दुनिया के दूसरे बल्लेबाजों से अलग बनाता है। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में लगातार पांच पारियों में अर्धशतक लगाए और यह उपलब्धि हासिल करने वाले इकलौते बल्लेबाज बने।
रजा ने यह रिकॉर्ड नवंबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच बनाया था। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग टीमों के खिलाफ लगातार रन बनाते हुए अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया।
नवंबर 2023 में शुरू हुआ था अर्धशतकों का सिलसिला
सिकंदर रजा के लगातार पांच अर्धशतकों का सिलसिला 27 नवंबर 2023 को रवांडा के खिलाफ शुरू हुआ। इस मुकाबले में उन्होंने 58 रन की पारी खेली। इसके बाद 29 नवंबर को नाइजीरिया के खिलाफ उनके बल्ले से 65 रन निकले।
रजा ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए 30 नवंबर 2023 को केन्या के खिलाफ 82 रन बनाए। इसके बाद 7 दिसंबर को आयरलैंड के विरुद्ध उन्होंने 65 रन की पारी खेली। उनका यह प्रदर्शन नए साल में भी जारी रहा और 1 जनवरी 2024 को श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 62 रन बनाए।
इस तरह रजा ने लगातार पांच टी20 इंटरनेशनल पारियों में 50 या उससे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
पांच पारियों में बनाए कुल 332 रन
सिकंदर रजा की इन पांच पारियों के स्कोर पर नजर डालें तो उन्होंने 58, 65, 82, 65 और 62 रन बनाए। इस तरह उन्होंने पांच पारियों में कुल 332 रन जोड़े। खास बात यह रही कि उन्होंने हर पारी में अलग-अलग टीम के खिलाफ अर्धशतक लगाया।
रजा का यह प्रदर्शन उनकी निरंतरता और टी20 फॉर्मेट में तेजी से रन बनाने की क्षमता को दर्शाता है।
लगातार चार अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज भी चर्चा में
टी20 इंटरनेशनल में लगातार चार पारियों में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में कई नाम शामिल हैं। ब्रेंडन मैक्कुलम, क्रिस गेल, यूसुफ पठान, क्रेग विलियम्स, गुस्ताव मैककॉन, रीजा हेंड्रिक्स और सबाओरिश रविचंद्रन जैसे खिलाड़ियों ने भी लगातार बड़ी पारियां खेलकर अपनी छाप छोड़ी है।
हालांकि, लगातार पांच पारियों में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड सिकंदर रजा के नाम दर्ज है। अब देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में कोई अन्य बल्लेबाज इस उपलब्धि की बराबरी कर पाता है या रजा का यह रिकॉर्ड लंबे समय तक कायम रहता है।
