Vaibhav Suryavanshi Rahul Dravid Advice: 'IPL के साथ रेड-बॉल क्रिकेट पर दें ध्यान', युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के लिए राहुल द्रविड़ का अहम गुरुमंत्र
Rahul Dravid on Vaibhav Suryavanshi Career: भारतीय क्रिकेट के 'द वॉल' कहे जाने वाले पूर्व हेड कोच और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) के उज्ज्वल भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है।
द्रविड़ ने कहा कि सीमित ओवरों (T20 और वनडे) में धमाकेदार शुरुआत के बाद अब इस 15 वर्षीय युवा प्रतिभा के लिए रेड-बॉल (प्रथम श्रेणी/टेस्ट) क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करना और दोनों प्रारूपों में सही संतुलन बनाना सबसे ज्यादा जरूरी है।
द्रविड़ ने दी तीनों फॉर्मेट पर ध्यान देने की सलाह
राहुल द्रविड़ का मानना है कि वैभव को टी20 और वनडे के साथ-साथ घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट में भी पर्याप्त समय देना चाहिए। उनके अनुसार, युवा खिलाड़ी के लिए तीनों फॉर्मेट का अनुभव उसके लंबे और सफल करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।
द्रविड़ ने कहा कि वैभव को आईपीएल के जरिए व्हाइट-बॉल क्रिकेट का अच्छा अनुभव मिल रहा है, लेकिन अब उन्हें घरेलू क्रिकेट में लौटकर टेस्ट क्रिकेट की तैयारी पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो तीनों फॉर्मेट में खेलने की क्षमता रखते हों।
रेड-बॉल क्रिकेट में अनुभव की जरूरत
वैभव अभी महज 15 वर्ष के हैं और उन्होंने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में बेहद कम उम्र में बड़ी सफलता हासिल की है। द्रविड़ का कहना है कि इतनी कम उम्र में मिली सफलता के बाद उनके ऊपर तुरंत बड़े परिणाम देने का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने वैभव के लिए धैर्य रखने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट खेलने के लिए समय और अनुभव मिलना चाहिए। लंबे प्रारूप में लगातार खेलने से वह परिस्थितियों को समझने और अपनी बल्लेबाजी को निखारने में सक्षम होंगे।
दलीप ट्रॉफी में होगी अगली परीक्षा
आईपीएल 2026 में वैभव ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप हासिल की। इसके बाद अब उनका ध्यान घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट पर है। वह 23 अगस्त से शुरू होने वाली दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन का प्रतिनिधित्व करेंगे और उन्हें टीम का उपकप्तान भी बनाया गया है।
रेड-बॉल क्रिकेट की तैयारी के लिए वैभव ने हाल के दिनों में अपनी बल्लेबाजी के तरीके पर भी काम किया है। उनके बचपन के कोच मनीष ओझा के साथ विशेष अभ्यास में लंबे समय तक क्रीज पर टिकने, अच्छी गेंद को सम्मान देने और कमजोर गेंदों पर आक्रामक शॉट खेलने पर जोर दिया गया।
वैभव के लिए धैर्य रखना जरूरी
राहुल द्रविड़ की सलाह का सबसे अहम हिस्सा यही है कि वैभव को जल्दबाजी में किसी एक फॉर्मेट तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। टी20 में उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी पहले ही दुनिया का ध्यान खींच चुकी है, लेकिन रेड-बॉल क्रिकेट में सफलता के लिए तकनीक, धैर्य, एकाग्रता और लंबे समय तक बल्लेबाजी करने की क्षमता विकसित करना जरूरी होगा।
