रवि शास्त्री का बड़ा बयान विराट कोहली मेरे कोचिंग करियर के सबसे महान खिलाड़ी
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने एक बार फिर क्रिकेट जगत में चर्चा का माहौल बना दिया है। उन्होंने खुलकर कहा कि “विराट कोहली मेरे द्वारा प्रशिक्षित सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं।” शास्त्री के अनुसार, कोहली के करियर का स्वर्णिम दौर वह समय था, जब उन्होंने अपनी बल्लेबाज़ी के दम पर दुनिया के नामी गेंदबाजों को पछाड़ दिया।
शास्त्री का मानना है कि उस दौर में विराट का आत्मविश्वास, फिटनेस और खेल के प्रति जुनून अद्वितीय था। चाहे टेस्ट क्रिकेट हो, वनडे या टी20 — कोहली का प्रदर्शन हर फॉर्मेट में उच्च स्तर का रहा। उन्होंने कई ऐसे मुकाबले भारत को जिताए, जहां जीत की संभावना बेहद कम थी। यही जज़्बा उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है।
कप्तान का सपना – कोहली का जुनून
रवि शास्त्री ने कहा कि कोहली में वह आग थी, जिसे हर कप्तान अपनी टीम में देखना चाहता है। मैदान पर उनका जज़्बा और जीत के लिए उनका अटूट विश्वास, टीम के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा। उनकी फिटनेस और प्रोफेशनलिज़्म ने भारतीय क्रिकेट में एक नई क्रांति ला दी, जिससे युवा खिलाड़ियों के लिए एक नया मानक तय हुआ।
स्वर्णिम दौर के आंकड़े ही बोलते हैं
कोहली के स्वर्णिम काल में उनकी बल्लेबाज़ी का औसत, स्ट्राइक रेट और बड़े मैचों में प्रदर्शन, सभी उनकी महानता के प्रमाण हैं। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका — कोई भी पिच या परिस्थिति उनके खेल को रोक नहीं पाती थी। शास्त्री के मुताबिक, वह समय भारतीय क्रिकेट का सुनहरा युग था, और इसका श्रेय विराट कोहली को ही जाता है।
दबाव में भी लाजवाब प्रदर्शन
शास्त्री ने कहा कि विराट की सबसे बड़ी ताकत उनकी मानसिक दृढ़ता है। मुश्किल हालात में उनका खेल और भी निखरता था। जब टीम संकट में होती थी, तब उनका बल्ला उम्मीद की आखिरी किरण बनता था। यह गुण उन्हें सच्चा मैच विनर बनाता है, जो हर पीढ़ी में एक ही बार देखने को मिलता है।
गौरव और सम्मान
अंत में रवि शास्त्री ने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्होंने विराट कोहली जैसे खिलाड़ी को कोच करने का अवसर पाया। उनके अनुसार, कोहली न सिर्फ एक महान क्रिकेटर हैं, बल्कि एक ऐसे इंसान हैं जो अपने खेल के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। यही समर्पण उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों की श्रेणी में खड़ा करता है।
