अभिषेक शर्मा ने शतक के बाद क्यों लगाया ध्यान? खास सेलिब्रेशन की बताई वजह

अफगानिस्तान के खिलाफ 30 गेंदों में शतक जड़कर बनाया रिकॉर्ड, बोले- ध्यान ने मुझे मानसिक रूप से स्थिर रखने में मदद की
 
अभिषेक शर्मा

Afghanistan vs India, 3rd T20I  :  अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से मैदान पर तहलका मचा दिया। उन्होंने महज 30 गेंदों में शतक पूरा करते हुए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। शतक पूरा करने के बाद अभिषेक का जश्न भी चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने मैदान पर बैठकर कुछ देर ध्यान मुद्रा में समय बिताया।

अभिषेक शर्मा ने मैच के बाद प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिलने के दौरान इस खास सेलिब्रेशन के पीछे की वजह बताई। उन्होंने कहा कि वह पिछले करीब छह महीने से एक साल के दौरान नियमित रूप से मेडिटेशन और ध्यान कर रहे हैं और इससे उन्हें काफी मदद मिली है।

ध्यान ने मुझे स्थिर रहने में मदद की’

अभिषेक ने बताया कि पूरे साल क्रिकेट खेलने के दौरान एक खिलाड़ी को प्रदर्शन और परिस्थितियों में कई तरह के उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मन को स्थिर रखना उनके लिए महत्वपूर्ण रहा है।

उन्होंने कहा कि ध्यान ने उन्हें पिछले छह से आठ महीनों में काफी मदद पहुंचाई। इसी अनुभव को मैदान पर अपने सेलिब्रेशन के जरिए साझा करने का उनका उद्देश्य था। अभिषेक के मुताबिक, यदि उनके इस जश्न को देखकर किसी अन्य क्रिकेटर को भी ध्यान से लाभ लेने की प्रेरणा मिलती है, तो उनके लिए यह सेलिब्रेशन सार्थक होगा।

रोहित शर्मा का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा

अभिषेक शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में सिर्फ 30 गेंदों में शतक पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने भारत की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम था, जिन्होंने 34 गेंदों में शतक पूरा किया था।

अभिषेक का यह प्रदर्शन अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी टी20 सीरीज में भी शानदार रहा। तीनों मुकाबलों में उन्होंने बल्ले से प्रभावी प्रदर्शन किया और सीरीज में कुल 229 रन बनाए। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया।

‘बस गेंद को देखो और उसी के हिसाब से खेलो’

सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद अभिषेक ने अपनी बल्लेबाजी की रणनीति के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि वह किसी खास हिस्से या परिस्थिति पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय गेंद को देखकर उसी के अनुसार शॉट खेलने की कोशिश करते हैं।

उनके मुताबिक, वह मैदान पर जाकर खुलकर बल्लेबाजी करना चाहते हैं और किसी शॉट को जबरदस्ती खेलने से बचते हैं। उनका फोकस गेंद को पढ़ने और उसके हिसाब से प्रतिक्रिया देने पर रहता है। आने वाले मुकाबलों में भी वह इसी सोच के साथ बल्लेबाजी जारी रखना चाहते हैं।

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