Yashasvi Jaiswal 30 Tests 30 Venues Record: 30 टेस्ट, 30 अलग-अलग वेन्यू! यशस्वी जायसवाल ने बनाया दुर्लभ कीर्तिमान, पर रन आउट से लगा बड़ा झटका
Yashasvi Jaiswal 30 Tests 30 Venues Record: भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में भारतीय युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने मैदान पर कदम रखते ही एक बेहद दिलचस्प और अनोखा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। हालांकि, एक दुर्भाग्यपूर्ण रन आउट के चलते वे 32 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
यशस्वी जायसवाल ने अपने टेस्ट करियर में अब तक कुल 30 टेस्ट मैच खेले हैं और सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उन्होंने ये सभी 30 मुकाबले 30 अलग-अलग क्रिकेट स्टेडियमों (Venues) पर खेले हैं।
30 टेस्ट, 30 अलग वेन्यू
यशस्वी जायसवाल ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत रोसेयू से की थी। इसके बाद उन्होंने पोर्ट ऑफ स्पेन, सेंचुरियन, केपटाउन सहित दुनिया के अलग-अलग मैदानों पर टेस्ट क्रिकेट खेला। श्रीलंका के खिलाफ मुकाबला उनके लिए एक और नया टेस्ट वेन्यू रहा।
इस तरह 30 टेस्ट मैचों के बाद उनके खाते में 30 अलग-अलग टेस्ट मैदान हो गए हैं। इससे पहले संजय मांजरेकर ने अपने शुरुआती 33 टेस्ट मैच 33 अलग-अलग वेन्यू पर खेले थे, जबकि सचिन तेंदुलकर ने अपने शुरुआती 32 टेस्ट मैच 32 अलग-अलग मैदानों पर खेले थे।
The one blip in an otherwise smooth session for India!
— Cricbuzz (@cricbuzz) August 15, 2026
Yashasvi Jaiswal was run out after a mix-up with KL Rahul 🥲#SLvINDpic.twitter.com/ZJIc0zjh3U
तीसरी बार रन आउट हुए जायसवाल
हालांकि श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में जायसवाल इस खास उपलब्धि को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। वह 32 रन बनाकर रन आउट हो गए। इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में यह तीसरा मौका है जब जायसवाल रन आउट होकर पवेलियन लौटे हैं।
इससे पहले 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वह 82 रन बनाकर रन आउट हुए थे। वहीं 2025 में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 175 रन की शानदार पारी खेली थी, लेकिन इस दौरान भी रन आउट हो गए थे।श्रीलंका के खिलाफ 32 रन पर रन आउट होने के बाद टेस्ट क्रिकेट में जायसवाल के नाम अब तीन रन आउट दर्ज हो चुके हैं। हालांकि इस बार उनका रन आउट होना कुछ हद तक दुर्भाग्यपूर्ण भी रहा।30 टेस्ट में 30 अलग मैदानों पर खेलना निश्चित रूप से जायसवाल के करियर का एक दिलचस्प और दुर्लभ रिकॉर्ड है। उनकी उम्र और करियर को देखते हुए आने वाले वर्षों में यह आंकड़ा और भी खास बन सकता है।
