Chaitra Navratri 2026: 26 मार्च को मनाई जाएगी महाष्टमी; जानें कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और उदया तिथि का महत्व
अष्टमी तिथि का समय और गणना
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, अष्टमी तिथि का प्रारंभ और समापन समय इस प्रकार है:
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अष्टमी तिथि का प्रारंभ:25 मार्च 2026, बुधवार दोपहर 01:51 बजे से।
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अष्टमी तिथि का समापन:26 मार्च 2026, गुरुवार सुबह 11:49 बजे तक।
उदया तिथि का महत्व:हिंदू धर्मशास्त्रों में किसी भी व्रत या त्योहार के लिए 'उदया तिथि' (सूर्योदय के समय मौजूद तिथि) को ही आधार माना जाता है। चूंकि 26 मार्च को सूर्योदय के समय अष्टमी तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन महाष्टमी का पूजन और व्रत रखना शास्त्र सम्मत होगा।
कन्या पूजन और अनुष्ठान
जो भक्त नवरात्रि की अष्टमी पर पारण या विशेष पूजा करते हैं, वे 26 मार्चको सुबह 11:49 बजे से पहले कन्या पूजन संपन्न कर सकते हैं।
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विधि:इस दिन छोटी कन्याओं को माँ दुर्गा का स्वरूप मानकर उन्हें भोजन कराया जाता है, उपहार भेंट किए जाते हैं और उनका आशीर्वाद लिया जाता है।
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महत्व:मान्यता है कि कन्या पूजन के बिना नवरात्रि की साधना अधूरी रहती है। इससे घर में सुख-समृद्धि और आरोग्य का वास होता है।
नवमी और व्रत पारण
अष्टमी तिथि के 26 मार्च को सुबह समाप्त होने के बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। ऐसे में कई स्थानों पर रामनवमी और व्रत का पारण अगले दिन यानी 27 मार्चको किया जाएगा।
