कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए मास्टर व्योम श्रीवास्तव ने दर्शकों का मन मोह लिया
लखनऊ | 24 मार्च 2026
नवाबों के शहर लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत को एक नया आयाम देते हुए, पंडित अनोखेलाल मिश्र कल्चरल सेंटरद्वारा आयोजित दो दिवसीय “नादार्पण संगीत महोत्सव 2026”का भव्य समापन हुआ। निरालानगर के होटल गोल्डन आर्चिड में सजे इस संगीत अनुष्ठान में शास्त्रीय संगीत के दिग्गजों और उभरते सितारों ने अपनी कला से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मास्टर व्योम श्रीवास्तव: उंगलियों का जादू और अद्भुत लयकारी
महोत्सव का मुख्य आकर्षण नन्हे कलाकार मास्टर व्योम श्रीवास्तवका तबला वादन रहा। अपनी छोटी उम्र के बावजूद, व्योम ने तबले पर जिस परिपक्वता और गति के साथ थाप दी, उसने पूरे सभागार को स्तब्ध कर दिया। उनकी उंगलियों से निकलती कठिन लयकारी और ताल पर उनके नियंत्रण को देख दर्शकों ने खड़े होकर तालियों से उनका अभिवादन किया। हारमोनियम पर प्रशांत तिवारीकी सुरीली संगत ने इस प्रस्तुति में चार चाँद लगा दिए।
बनारस घराने की गूँज और शास्त्रीय विधाएं
कार्यक्रम में बनारस घराने के प्रख्यात कलाकार प्रदीप कश्यपने अपनी गौरवशाली परंपरा का प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम को यादगार बना दिया। उनके अलावा विभिन्न कलाकारों ने सितार वादन और शास्त्रीय गायन (Vocal) के जरिए भारतीय संगीत की गहराई को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सफल संचालन राजेंद्र विश्वकर्मा ‘हरिहर’ने अपनी ओजपूर्ण शैली में किया।
गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित आयोजन
आयोजक अरुणेश पाण्डेयने इस अवसर पर सभी कलाकारों और सुधि श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा:
"पंडित अनोखेलाल मिश्र जी की स्मृति में आयोजित यह महोत्सव हमारी गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत रखने और शास्त्रीय संगीत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक विनम्र प्रयास है। युवा प्रतिभाओं को मंच देना ही इस आयोजन की असली सफलता है।"
सांस्कृतिक धरोहर की मजबूती
महोत्सव में उपस्थित संगीत प्रेमियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम लखनऊ की तहजीब और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया और आयोजकों को इस सफल प्रयास के लिए बधाई दी गई।
नादार्पण संगीत महोत्सव 2026' ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय शास्त्रीय संगीत की जड़ें आज भी युवाओं और बच्चों के माध्यम से सुरक्षित और समृद्ध हैं। मास्टर व्योम जैसी प्रतिभाएं इस कला के उज्ज्वल भविष्य का संकेत हैं।
