धुरंधर 2 रिव्यू फिल्म या प्रोपेगैंडा सच सामने आया
'धुरंधर 2': सिनेमाई मास्टरपीस या प्रोपेगैंडा की राजनीति? रणवीर सिंह की फिल्म पर बंटी दर्शकों और समीक्षकों की राय
मुंबई:'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' फेम निर्देशक आदित्य धरएक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। उनकी नई फिल्म 'धुरंधर 2'ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका तो मचा दिया है, लेकिन साथ ही एक नई वैचारिक जंग भी छेड़ दी है। 26/11 जैसी वास्तविक घटनाओं की पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म दर्शकों और फिल्म समीक्षकों के बीच ध्रुवीकरण का कारण बनी हुई है।
सच्ची कहानी का दावा और दमदार एक्शन
फिल्म के समर्थकों का मानना है कि 'धुरंधर 2' भारतीय सिनेमा में 'रॉ' और 'बोल्ड' कहानी कहने का एक नया मानक स्थापित करती है।
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वास्तविक संदर्भ:फिल्म में असली ऑडियो रिकॉर्डिंग और ऐतिहासिक घटनाओं का जिस तरह उपयोग किया गया है, उससे दर्शक इसे एक 'सच्ची कहानी' (True Story) के रूप में देख रहे हैं।
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रणवीर सिंह का जादू:रणवीर सिंह के इंटेंस अभिनय की जमकर तारीफ हो रही है, हालांकि कुछ प्रशंसक अर्जुन रामपालके किरदार को फिल्म का 'सरप्राइज पैकेज' और अधिक प्रभावी बता रहे हैं।
'प्रोपेगैंडा' बनाम 'राष्ट्रवाद': तीखी बहस
जहाँ एक वर्ग इसे साहसी सिनेमा बता रहा है, वहीं आलोचकों ने इसे 'एजेंडा-आधारित' और 'अत्यधिक हिंसक' करार दिया है।
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हिंसा पर सवाल:फिल्म में दिखाए गए 'गोर' (Gore) और हिंसक दृश्यों पर कड़े सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का तर्क है कि यह फिल्म एक खास राजनीतिक नैरेटिव और 'केसरिया राष्ट्रवाद' को बढ़ावा देती है।
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राम गोपाल वर्मा का समर्थन:विवादों के बीच दिग्गज फिल्ममेकर राम गोपाल वर्माने फिल्म का बचाव करते हुए इसे 'शोले' से भी बेहतर बताया है। उन्होंने प्रोपेगैंडा के आरोपों को खारिज करते हुए इसे शुद्ध देशभक्ति से प्रेरित सिनेमा कहा है।
बॉक्स ऑफिस पर 'धुरंधर' प्रदर्शन
तमाम विवादों और बंटी हुई राय के बावजूद, 'धुरंधर 2' बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई कर रही है। फिल्म के प्रति युवाओं का आकर्षण और इसकी हाई-ऑक्टेन एक्शन कोरियोग्राफी इसे इस साल की सबसे बड़ी हिट्स में से एक बना रही है।
