नोएडा , ग्रेटर नोएडा: सरकार ने स्वीकार की श्रमिकों की 9 सूत्रीय मांगें, सर्वेश पाठक ने शांति और संयम की अपील की

 
गौतम बुद्ध नगर (14 अप्रैल 2026):जनपद में चल रहे श्रमिक आंदोलन के बीच भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ (भाजपा प्रणीत) के राष्ट्रीय महासचिव श्री सर्वेश पाठक ने एक महत्वपूर्ण वक्तव्य जारी किया है। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने का आह्वान करते हुए श्रमिकों से अपील की है कि वे अफवाहों और असामाजिक तत्वों से सावधान रहें

सरकार का सकारात्मक रुख: अधिकांश मांगें मंजूर

श्री सर्वेश पाठक ने जानकारी दी कि श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उनकी 9 प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने इसे श्रमिक वर्ग की एक बड़ी जीत बताया और कहा कि कोरोना काल से लेकर अब तक मुख्यमंत्री जी का दृष्टिकोण सदैव श्रमिक कल्याण का रहा है। सरकार किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेगी।

स्वीकृत 9-सूत्रीय मांगें: एक नजर में

क्र.सं.मुख्य मांगविवरण1ओवरटाइम भुगतानश्रमिकों को ओवरटाइम का भुगतान अब निर्धारित दर से दोगुनामिलेगा।2साप्ताहिक अवकाशअनिवार्य साप्ताहिक अवकाश मिलेगा; अवकाश के दिन कार्य करने पर दोगुना भुगतान।3समय पर वेतनहर महीने की 10 तारीखसे पहले वेतन सीधे बैंक खाते में आएगा।4वेतन पर्चीपारदर्शिता के लिए प्रत्येक श्रमिक को सैलरी स्लिप (Salary Slip) दी जाएगी।5सम्मानजनक व्यवहारऔद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों के साथ गरिमापूर्ण आचरण अनिवार्य होगा।6शिकायत निवारणजिला स्तर पर शिकायतों के लिए कंट्रोल रूमकी स्थापना की जाएगी।7त्वरित कार्रवाईप्राप्त शिकायतों पर तत्काल और प्रभावी एक्शन सुनिश्चित होगा।8सख्त अनुपालननियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।9सुरक्षा एवं स्वास्थ्यस्वच्छ पेयजल, सुरक्षा उपकरण और फर्स्ट एड (First Aid) की सुविधा अनिवार्य।

असामाजिक तत्वों से रहने की चेतावनी

राष्ट्रीय महासचिव ने आगाह किया कि आंदोलन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व घुसपैठ कर सरकारी संपत्ति और वाहनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने श्रमिकों से विनम्र निवेदन किया कि वे हिंसा का मार्ग न चुनें और केवल सत्याग्रह व अनुशासन के साथ अपनी बात रखें।

"श्रमिकों के हित हमारे लिए सर्वोपरि हैं। जब सरकार ने मांगों को स्वीकार कर लिया है, तो हमें धैर्य का परिचय देना चाहिए और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था पैदा करने वाली अफवाहों से दूर रहना चाहिए।" — सर्वेश पाठक, राष्ट्रीय महासचिव