रावण बुरा नही नाटी था

 
रामायण के अनुसार रावण को महान विद्वान और शिवभक्त माना जाता है, लेकिन उसके व्यक्तित्व का दूसरा पहलू भी था। रावण में अनेक अवगुण थे, जिनमें उसका अहंकार और स्त्रियों के प्रति अनुचित व्यवहार प्रमुख माना जाता है।

कहा जाता है कि रावण ने एक बार अप्सरा रम्भा के साथ अनुचित आचरण किया था। रम्भा, कुबेर के पुत्र नलकुबेर की पत्नी थीं। इस घटना से क्रोधित होकर नलकुबेर ने रावण को श्राप दिया कि यदि वह भविष्य में किसी भी स्त्री के साथ बलपूर्वक दुराचार करने का प्रयास करेगा, तो उसका सिर तुरंत टुकड़े-टुकड़े हो जाएगा।

इसी श्राप के कारण रावण ने माता सीता का अपहरण तो किया, लेकिन उनके साथ जबरदस्ती करने का साहस कभी नहीं कर सका। यह श्राप उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गया और उसके पतन का एक महत्वपूर्ण कारण भी बना।