शादी की खुशियों पर मंडराया 'किल्लत' का साया: 20 अप्रैल को है नंदनी का विवाह, 17 सिलेंडरों के लिए DM दफ्तर की चौखट पर पहुंची दुल्हन

 
जालौन (उत्तर प्रदेश) | 5 अप्रैल, 2026:उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो दावों और धरातल की सच्चाई के बीच के अंतर को बयां कर रही है। जहाँ एक तरफ केंद्र की मोदी सरकार लगातार यह दावा करती है कि देश में एलपीजी (LPG) की कोई कमी नहीं है, वहीं दूसरी ओर एक होने वाली दुल्हन को अपनी शादी के इंतजामों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

सिलेंडर के लिए 'साहब' से गुहार

यह कहानी है नंदनीकी, जिनकी शादी आगामी 20 अप्रैलको तय हुई है। शादी वाले घर में मेहमानों की आवभगत और भोज के लिए लगभग 17 गैस सिलेंडरोंकी आवश्यकता है। परिवार ने स्थानीय एजेंसियों और वितरकों के चक्कर काटे, लेकिन हर जगह से खाली हाथ लौटना पड़ा। हार मानकर नंदनी खुद जिलाधिकारी (DM) कार्यालय पहुँच गईं, ताकि प्रशासन के हस्तक्षेप से उन्हें समय पर सिलेंडर मिल सकें और शादी का कार्यक्रम निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।

सरकारी दावे बनाम जमीनी हकीकत

सरकार की 'उज्ज्वला योजना' और गैस आपूर्ति के सुचारू होने के दावों के बीच, शादी-ब्याह के सीजन में इस तरह की किल्लत कई सवाल खड़े करती है:

  • सप्लाई चेन में बाधा:क्या स्थानीय स्तर पर जमाखोरी हो रही है या वाकई मांग के अनुरूप आपूर्ति कम है?

  • आम आदमी की बेबसी:एक परिवार जिसे अपनी बेटी की विदाई की तैयारी करनी चाहिए, वह गैस जैसी बुनियादी जरूरत के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के सामने खड़ा है।

DM कार्यालय से उम्मीद

नंदनी का कहना है कि अगर समय रहते सिलेंडरों की व्यवस्था नहीं हुई, तो शादी के भोज का प्रबंध करना असंभव हो जाएगा। जालौन प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लिया है, लेकिन सवाल वही है कि क्या हर घर को गैस पहुँचाने के वादे केवल विज्ञापनों तक सीमित हैं?