ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट पायल सिंह ने अपनी जीवन कहानी साझा की पायल सिंह की संघर्ष भरी कहानी

 
बचपन का नाम आते ही मन में खिलौने और स्कूल की यादें आती हैं, लेकिन पायलके लिए बचपन का मतलब था—पिता का बेहिसाब गुस्सा और समाज की वो चुभती नजरें, जो उन्हें अपनी पहचान के कारण नीचा दिखाती थीं।
पायल की कहानी केवल बाहरी दुनिया से लड़ने की नहीं, बल्कि अपनों के बीच खुद को बचाने की भी है। उन्होंने वह दौर देखा जहाँ उनके पिता के हाथों उनकी माँ और उन पर होने वाले अत्याचारों ने घर की दीवारों को डर से भर दिया था। समाज के तिरस्कार ने उनके परिवार को कदम-कदम पर ज़िल्लत सहने को मजबूर किया, जिसका गहरा असर एक मासूम मन पर पड़ा।