श्राद्ध कर्म क्या है तीन चीज महत्वपूर्ण

 

श्रद्धासबसे ज़रूरी है कि कर्म श्रद्धा और सच्चे मन से किया जाए। बिना श्रद्धा के किया गया श्राद्ध अधूरा माना जाता है।

ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, दान देना और जल तर्पण करना श्राद्ध का मुख्य अंग है। इससे पितरों को तृप्ति प्राप्त होती है।

विधिवत संकल्प लेकर शुद्ध आचरण के साथ श्राद्ध कर्म करना आवश्यक है। इसमें विशेष तिथियों, मंत्रों और विधि का पालन करना भी जरूरी माना गया है