बांके बिहारी मंदिर में घंटियां क्यों नहीं बजाई जातीं, वृंदावन की अनोखी परंपरा,

 
 मथुरा वृंदावन का प्राचीन बांके बिहारी मंदिर विभिन्न प्रकार के रहस्यों से भरा हुआ है। इस धाम में भक्त दूर-दूर से दर्शन की अभिलाषा लेकर आते हैं। पौराणिक कथाओं और ग्रंथों के अनुसार, इस धाम में भगवान कृष्ण बाल स्वरूप में विराजमान हैं। बता दें, वृन्दावन में कृष्ण जी को एक नहीं बल्कि कई मंदिर समर्पित हैं। ऐसे में आज हम आपको बांके बिहारी मंदिर के एक ऐसे दिलचस्प रहस्य के बारे में बताएंगे, जिसे जानकर आपको हैरानी होगी।
 बांके बिहारी मंदिर कई अनोखी परंपराओं से घिरा हुआ है, जो इस दिव्य परिसर के आकर्षण को और भी बढ़ा देता है। वहीं, इन परंपराओं में से एक घंटियों का न होना, हर कुछ मिनट में पर्दे का हटना, मंदिर के अंदर होने वाला निरंतर भजन-कीर्तन और भी बहुत कुछ शामिल है।