Bhindi Ke Jad Fayde : What are the benefits of eating okra root? भिंडी की जड़ के क्या क्या फायदे होते है जानिए 

Bhindi Ke Jad Fayde : What are the benefits of eating okra root?
Lifestyle  : आप लोग कुछ ऐसा बताने जा रहे है आप भिंडी तो की सब्जी तो जरुर खाते ही होगे क्या आप को पता की भिन्डी के जड़ के बहुत फायदे होते है  और जिसे लेडीफिंगर के नाम से भी जाना जाता है, न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि इसकी जड़ें भी अनेक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती हैं। भिंडी की जड़ों के कुछ प्रमुख लाभों में शामिल हैं |

1. यौन स्वास्थ्य

सुजाक का इलाज: भिंडी की जड़ों का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग सुजाक के इलाज में किया जाता है। यह एक यौन संचारित रोग है जो पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करता है। भिंडी की जड़ों का चूर्ण बनाकर इसका सेवन सुजाक के लक्षणों को कम करने में मददगार होता है।
वीर्यपात और शीघ्रपतन: भिंडी की जड़ें वीर्यपात और शीघ्रपतन जैसी यौन समस्याओं को दूर करने में भी सहायक होती हैं।
पुरुषों में प्रजनन क्षमता: भिंडी की जड़ों में मौजूद पोषक तत्व पुरुषों में प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं।

2. पाचन स्वास्थ्य

कब्ज: भिंडी की जड़ों में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो कब्ज से राहत दिलाने में मदद करती है।
पेट फूलना: भिंडी की जड़ें पेट फूलने और अपच जैसी पाचन संबंधी समस्याओं को कम करने में भी सहायक होती हैं।

3. मधुमेह

रक्त शर्करा नियंत्रण: भिंडी की जड़ों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, जो मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद है।

4. अन्य स्वास्थ्य लाभ

रोग प्रतिरोधक क्षमता: भिंडी की जड़ें रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करती हैं।
त्वचा और बालों का स्वास्थ्य: भिंडी की जड़ों में मौजूद पोषक तत्व त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
हड्डियों का स्वास्थ्य: भिंडी की जड़ों में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज होते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

भिंडी की जड़ों का उपयोग

भिंडी की जड़ों को सुखाकर चूर्ण बनाया जा सकता है। इस चूर्ण को पानी या दूध के साथ मिलाकर सेवन किया जा सकता है। और भिंडी की जड़ों का काढ़ा भी बनाया जा सकता है।  गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भिंडी की जड़ों का सेवन नहीं करना चाहिए। यह भी ध्यान रखें कि भिंडी की जड़ों का सेवन किसी भी रोग का निश्चित इलाज नहीं है।

आंती-इन्फ्लैमेटरी प्रॉपर्टीज़ : भिंड़ी की जड़ में आंती-इन्फ्लैमेटरी गुण हो सकते हैं, जो शरीर की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।

शारीरिक समर्थन : भिंडी की जड़ में विटामिन्स, मिनरल्स, और एंटीऑक्सीडेंट्स हो सकते हैं जो शारीरिक स्वास्थ्य को समर्थन करने में मदद कर सकते हैं।

 

भिंडी का पाउडर खाने से क्या फायदा होता है?

मधुमेह नियंत्रित करता है : भिंडी में मौजूद फाइबर रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करता है : भिंडी में मौजूद चिपचिपा पदार्थ "पेक्टिन" खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करता है।

पाचन क्रिया में सुधार करता है : भिंडी में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है और कब्ज से राहत दिलाता है।

वजन घटाने में मदद करता है : भिंडी में कम कैलोरी और भरपूर फाइबर होता है, जो वजन घटाने में मददगार होता है।

हड्डियों को मजबूत बनाता है : भिंडी में कैल्शियम, मैग्नीशियम और विटामिन K होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

आंखों के लिए फायदेमंद : भिंडी में विटामिन A होता है जो आंखों के लिए फायदेमंद होता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है : भिंडी में विटामिन C होता है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।

एनीमिया से बचाता है : भिंडी में आयरन होता है जो एनीमिया से बचाने में मदद करता है।

भिंडी को अच्छी तरह धोकर धूप में सुखा लें। सूखने के बाद भिंडी को पीसकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को आप दूध, पानी या दही के साथ मिलाकर खा सकते हैं।  भिंडी खाने का समय और भिंडी का पाउडर आप सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले खा सकते हैं। एक दिन में 1-2 चम्मच भिंडी का पाउडर खाना पर्याप्त होता है।


 

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