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एकेटीयू के एनएसएस यूनिट की ओर से दुग्गौर और दुर्जनपुर गांव में सात दिवसीय विशेष शिविर का हुआ शुभारंभ
उन्होंने एफडीपी में भाग ले रहे फैकल्टी से उनके संस्थान किये जा रहे नवाचार की जानकारी ली। कहा कि अच्छे नवाचार को माननीय मुख्यमंत्री जी से अवगत कराते हुए आगे बढ़ाने में सहयोग किया जाएगा। कहा कि नवाचार और उद्यमिता पर एफडीपी काफी महत्वपूर्ण है। इससे शिक्षकों को बहुत कुछ नया सीखने को मिलेगा। क्योंकि तेजी से बदल रही दुनिया में नवाचार और उद्यमिता के जरिये सफलता हासिल की जा सकती है। कहा कि मेडिकल और फार्मा के क्षेत्र में नवाचार की काफी संभावनाएं है। बताया कि जल्द ही सरकार इन दोनों क्षेत्रों में बड़े कार्य करने जा रही है। जल्द ही मेडिकल डिवाइस पार्क शुरू होगा तो फार्मा पार्क बनाने पर बैठक होने वाली है। एआई के महत्व को बताते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की आज हर क्षेत्र में दखल है। सभी को एआई से अपडेट रहने की जरूरत है। कहा कि अभी भी एकेडमिक एक्सिलेंस में सुधार की गंुजाइश है। हालांकि ऐसे प्रोग्राम से निश्चित ही सुधार होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय कुलपति प्रो0 जेपी पाण्डेय ने की। उन्होंने श्री अवनीश अवस्थी को एफडीपी और विश्वविद्यालय में चल रही अन्य योजनाओं से अवगत कराया। डीन इनोवेशन प्रो0 बीएन मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पांच दिवसीय इस एफडीपी से शिक्षकों को काफी कुछ सीखने को मिला है। कहा कि नवाचार और उद्यमिता को लेकर आगे बहुत करना बाकी है।
पांच दिवसीय एफडीपी में अलग-अलग सत्रों के दौरान सफल उद्यमियों और इनवेस्टर्स ने मार्गदर्शन दिया। नवाचार और उद्यमिता के लिए मिलने वाली कई तरह की ग्रांट्स, पाॅलिसी और इन्क्युबेशन सहयोग, शोध और पेटेंट, मास्टर बिजनेस माॅडल, फंडिंग नीति और नेतृत्व क्षमता का विकास और उद्यमी मानसिकता बनाने पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी।एसो0 डीन डाॅ0 अनुज कुमार शर्मा ने धन्यवाद दिया. कार्यक्रम का संचालन इनोवेशन हब की मैनेजर वंदना शर्मा ने किया।
इनोवेशन हब के हेड महीप सिंह ने विषय स्थापना के साथ ही इनोवेशन हब की ओर से किये जा रहे कार्याें के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर अतिथियों ने एफडीपी में प्रतिभाग कर रहे फैकल्टी को प्रमाणपत्र भी दिया। कार्यक्रम में डाॅ0 सिद्धार्थ यादव, डाॅ0 वर्षा शुक्ला, अनुराग त्रिपाठी, अनुराग चैबे सहित अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे।
डाॅ0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ फार्मेसी और फैकल्टी आॅफ मैनेजमेंट के राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर 25 मार्च से 31 मार्च तक 7 दिवसीय विशेष शिविर का दुग्गौर और दुर्जनपुर गांव में शुभारंभ हुआ। माननीय कुलपति प्रो0 जेपी पाण्डेय के निर्देशन में आयोजित शिविर के पहले दिन दोनों गांवों में 100 स्वयंसेवकों ने विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता अभियान चलाया।
शिविर के दौरान टीबी मुक्त भारत अभियान, कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम और योगासन के लाभ जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इन गतिविधियों का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जोड़ना था। साथ ही प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को साफ-सफाई और योग के बारे में बताया गया। ताकि बच्चे विभिन्न बीमारियों से बच सकें।
इस शिविर के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य और शिक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की प्रेरणा दी गई। इस दौरान साफ-सफाई भी की गयी। जिससे कि ग्रामीण और बच्चे सफाई के महत्व को समझ सकें और अपने आसपास स्वच्छता को अपनायें।
कार्यक्रम का समन्वय एनएसएस समन्वयक प्रो0 एसएन मिश्रा ने किया। इस मौके पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो0 ओ0पी0 सिंह, प्रो0 आकाश वेद, प्रोग्राम आॅफिसर अंजली सिंह, आरजू गुप्ता, डाॅ0 विकास कुमार चैधरी, डाॅ0 रवि शर्मा, श्री गौरव राय, शुभांश त्रिपाठी, रामदयाल सहित स्वयं सेवक छात्र मौजूद रहे।