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पुलिस महानिदेशक, उ०प्र० द्वारा ईद-उल फितर, रामनवमी पर्व एवं कानून-व्यवस्था आदि के सम्बन्ध में की गयी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

Video conferencing done by Director General of Police, Uttar Pradesh regarding Eid-ul-Fitr, Ramnavami festival and law and order etc.
 

लखनऊ डेस्क (आर एल पाण्डेय)।प्रशान्त कुमार पुलिस महानिदेशक, उ०प्र० द्वारा आज दिनांक: 29.03.2025 को समस्त जोनल अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस आयुक्त/परिक्षेत्रिय पुलिस महानिरीक्षक / पुलिस उप महानिरीक्षक/ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक / जनपद प्रभारी उ०प्र० के साथ ईद-उल फितर त्योहार, चैत्र नवरात्रि, रामनवमी पर्व, आरक्षी प्रशिक्षण एवं कानून-व्यवस्था के सम्बन्ध में वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा गोष्ठी की गयी।

पुलिस महानिदेशक उ०प्र० द्वारा गोष्ठी के दौरान मुख्यतः निम्नाकिंत बिन्दुओं पर दिशा-निर्देश दिये गये।

* ईद-उल-फितर एवं रामनवमी त्यौहार के अवसर पर जनपद को सेक्टर व जोन में विभाजित करते हुए प्रत्येक सेक्टर व जोन में मजिस्ट्रेट एवं समकक्ष पुलिस अधिकारी की ड्यूिटियों लगायी जाए तथा अतिसंवेदनशील स्थलों पर पुलिस पिकेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं राजपत्रित अधिकारियों के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए।

* संवेदनशील स्थानो पर आवश्यक उपकरणों सहित रूफटॉप ड्यूिटी लगायी जाये तथा कर्मचारियों को आवश्यकतानुसार वर्नाकुलर हैण्डसेट उपलब्ध कराये जाए एवं समस्त Hot Spots को चिन्हित कर समुचित पुलिस प्रबन्ध सुनिश्चित किया जाये।

* बाजारों, भीड़-भाड़ वाले स्थानो एवं महत्वपूर्ण व्यापारिक प्रतिष्ठानों के आस-पास फुट पेट्रोलिंग की जाये तथा नियमित रूप से बीडीएस टीम, स्नाईफर डॉग्स द्वारा एण्टीसेबोटाज चेकिंग करायी जाये। बाजारों में पर्याप्त अग्निशमन की व्यवस्था रखी जाये।

* नमाज के समय ईदगाहों / मस्जिदों के निकट आवागमन के मार्गों पर जानवरों का विचरण न होने पाये।

* यू0पी0-112 के वाहनों का व्यवस्थापन संवेदनशील मार्गो / स्थलों पर किया जाय तथा पुलिस के अन्य पेट्रोलिंग वाहनों द्वारा चिन्हित हॉटस्पॉट्स / संवेदनशील स्थलों पर राजपत्रित अधिकारियों के पर्यवेक्षण में प्रभावी गश्त / पेट्रोलिंग / चेकिंग करायी जाए।
* दंगा नियंत्रण योजना का पुनराभ्यास करा लिया जाय तथा सभी कर्मचारियों की एण्टी राइड एक्यूपमेन्ट के साथ ड्यूिटी लगाई जाए। क्यूआरटी टीमों को स्ट्रेटेजिक प्वाइंट पर तैयारी की हालत में रखा जाय।

* ड्रोन कैमरों के माध्यम से मिश्रित / संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, जुलूस के मार्गों विशेषकर जंक्शन प्वाईण्ट्स आदि पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरा का अधिष्ठापन आवश्यकतानुसार कराया जाये।

* शरारती एवं असामाजिक तत्वों को चिन्हित करते हुए उन पर निरंतर सतर्क दृष्टि रखी जाय तथा आवश्यकतानुसार प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए।

* पोस्टर पार्टी एवं मार्निंग चेकिंग टीम को सकिय किया जाय तथा उन्हें उनके दायित्वों से भली-भांति ब्रीफ कर दिया जाय। पोस्टर पार्टी को नियमित रूप से प्रातःकाल निकाला जाये।

* छोटी से छोटी सूचना को भी अत्यन्त गम्भीरता से लेते हुये तत्परतापूर्वक यथोचित विधिक कार्यवाही की जाये। वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर इसकी समुचित मॉनिटरिंग की जाये।

* जनपदीय अभिसूचना तंत्र को सक्रिय रखा जाये। जनपद के समस्त कार्मिकों की ब्रीफिंग करते हुये समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना/चौकी तथा बीट स्तर के कर्मियों को भी सचेत व सक्रिय कर दिया जाये।
नियंत्रण कक्ष एवं उप नियंत्रण कक्ष सुचारू रूप से व्यवस्थापित किये जाने तथा त्वरित सूचना प्रेषण एवं उस पर कार्यवाही की सुदृढ़ प्रक्रियायें निर्धारित की जायें।

* सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मो पर और अधिक सतर्क दृष्टि रखते हुए 24x7 निरन्तर मॉनिटरिंग की जाये, असत्य एवं भ्रामक सूचनाओं का तत्काल संज्ञान लेते हुए उनका खण्डन किया जाये तथा आवश्यक्तानुसार विधिक कार्यवाही की जाये।

* चैत्र नवरात्रि के दृष्टिगत महत्वपूर्ण स्थल यथा अयोध्या, मिर्जापुर, बलरामपुर, वाराणसी आदि जहाँ भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ होती है वहाँ पर उच्च कोटि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्य द्वार पर प्रवेश नियंत्रण और एण्टी सेबोटॉज चेकिंग की व्यवस्था की जाय।

* रामनवमी पर्व पर रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों, बाजार, भीड़-भाड़ वाले स्थानों, आयोजन स्थल, मनोरंजन के केन्द्र आदि पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाय तथा सभी सम्बंधित ड्रिल का पूर्वाभ्यास करा लिया जाये।

* रेलवे स्टेशनों पर जीआरपी एवं आरपीएफ से समन्वय बनाते हुए निरंतर चेकिंग करायी जाय तथा आवश्यकतानुसार पर्याप्त पुलिस बल का व्यवस्थापन कराया जाए।

* बीट स्तर पर पुलिस कर्मियों को सक्रिय रखा जाए तथा बीट स्तर से प्राप्त आसूचनाओं का संकलन करते हुए उन पर गंभीरता से त्वरित कार्यवाही करायी जाए।

* सभी थानों के त्यौहार रजिस्टरों तथा आसूचना आख्याओं का परिशीलन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के स्तर पर सूक्ष्मता से कर लिया जाए। यदि इस त्यौहार को लेकर इस वर्ष कोई समस्या/तनाव दृष्टिगोचर हो तो उसका समाधान समय रहते संबंधित मजिस्ट्रेट के समन्वय से त्योहार से पूर्व ही करा लिया जाए।

* समस्त थाना क्षेत्रों के उक्त त्यौहार के दृष्टिगत TROUBLE SPOTS चिन्हित किये जाए तथा प्रत्येक TROUBLE SPOTS पर क्षेत्र के उपजिलामजिस्ट्रेट / क्षेत्राधिकारी /सहायक पुलिस उपायुक्त तथा थाना प्रभारी स्वयं मौके पर जाकर समस्याओं का निदान करायें तथा आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करायें।

* शान्ति समितियों/कार्यक्रम आयोजकों व धर्मगुरूओं की बैठकें वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में सम्पादित की जाए। सभी अपर जिला मजिस्ट्रेट/उपजिलामजिस्ट्रेट /अपर पुलिस अधीक्षक / क्षेत्राधिकारीगण एवं विद्युत, लोक निर्माण विभाग एवं नगर निगम आदि विभिन्न संबंधित विभागों के जनपद स्तर के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठकें करके त्यौहार के निर्वाध निष्पादन हेतु समन्वित कार्यवाही सम्पादित की जाए।

* गर्मी का मौसम एवं आगामी त्योहारों के दृष्टिगत फायर कर्मियों को सक्रिय रखा जाय तथा फायर से सम्बन्धित एक्यूपमेन्ट को तैयारी हालत में रखा जाए।

उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती रिकूट आरक्षियों के प्रशिक्षण के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश

* उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण हेतु मुख्यालय स्तर से निर्गत कार्ययोजना एवं पूर्व में दिये गये निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन कराया जाये

* प्रशिक्षुओं को आधुनिक तकनीक से दक्ष बनाने हेतु साइबर काइम, भौतिक साक्ष्य संकलन हेतु फॉरेन्सिक विषयों, तीन नये कानूनों की जानकारी सहित प्रशिक्षुओं के रहने आदि की समुचित व्यवस्था कर ली जाय।
* प्रशिक्षु आरक्षियों के शारीरिक दक्षता एवं स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए।
उक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।

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