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पाकिस्तानी खिलाडियों को The Hundred League में नही मिला कोई खरीदार
इससे पहले चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के दौरान खाली स्टेडियमों और भयंकर बदइंतजामी की वजह से वह पहले ही शर्मसार था।नसीम और शादाब शीर्ष वर्ग में थे जिसमें कीमत 120000 पाउंड थी जबकि अयूब 78500 पाउंड वाले वर्ग में था। महिला क्रिकेटरों में आलिया रियाज फातिमा सना, युसरा आमिर, इरम जावेद और जावेरिया रऊफ जैसी खिलाड़ियों के नाम थे जिन्हें कोई खरीदार नहीं मिले। इंडियन प्रीमियर लीग के मालिकों द्वारा द हंड्रेड की टीमों में हिस्सा खरीदना इसकी एक वजह हो सकती है।
इस समय चार आईपीएल टीमों मुंबई इंडियंस (ओवल इंविंसिबल्स), लखनऊ सुपर जाइंट्स (मैनचेस्टर ओरिजिनल्स), सनराइजर्स हैदराबाद (नार्दर्न सुपरचार्जर्स) और दिल्ली कैपिटल्स (सदर्न ब्रेव) की द हंड्रेड टीमों में हिस्सेदारी है। इनके अलावा भारतीय मूल के अमेरिकी उद्यमी संजय गोविल ने वेल्श फायर में 50 प्रतिशत हिस्सा ले रखा है।
इसके अलावा पाकिस्तानी क्रिकेटरों का सीमित ओवरों के प्रारूप में खराब फॉर्म भी उनके नहीं खरीदे जाने की वजह है।विजडन की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मालिकों की ओर से आने वाले निवेश के कारण पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया जा सकता है। चार आईपीएल फ्रेंचाइजी मालिकों ने द हंड्रेड टीमों में हिस्सेदारी खरीदी थी। ईसीबी के अध्यक्ष रिचर्ड गोल्ड ने पिछले महीने जोर देकर कहा था कि आईपीएल के द हंड्रेड में निवेश आने के बावजूद पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी प्रभावित नहीं होगी |
लेकिन पाकिस्तान से रिश्तों का असर पाकिस्तानी खिलाड़ियों न पड़े यह संभव कैसे? यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि दक्षिण अफ्रीका की दक्षिण अफ्रीका 20 की सभी छह टीमें आईपीएल फ्रेंचाइजी के सह-स्वामित्व में हैं और अब तक एक भी पाकिस्तानी खिलाड़ी लीग में नहीं खेला है। पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने आईपीएल 2008 में भाग लिया था, लेकिन 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लीग में खेलने की अनुमति नहीं दी गई है।
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